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Sunday, August 30, 2020

टेक्नोलॉजी - Usman Gani

टेक्नोलॉजी से तात्पर्य उन सभी मेथड, सिस्टम अथवा डिवाइसेस से है, जिसका इस्तेमाल विज्ञान की दुनिया में किसी खोज के प्रयोग के लिए किया जाता है। हालांकि, विज्ञान की दुनिया में इसका उपयोग करने के लिए उचित कौशल, ज्ञान और सामर्थ्य की जरूरत होती है।

टेक्नोलॉजी का महत्व
आज टेक्नोलॉजी का हर किसी के जीवन में खास महत्व है क्योंकि यह न सिर्फ व्यक्ति के विकास में मद्द करती है, बल्कि देश-दुनिया के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाती है। वहीं अगर किसी भी देश की विकास की दर धीमी है तो इसका मतलब साफ है कि उस देश की टेक्नोलॉजी काफी पिछड़ी हुई है। टेक्नोल़ॉजी की मद्द से पिछड़ी हुई औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं की सामाजिक व्यवस्था को भी सुधार लाने में मद्द मिलती है। आज जिंदगी से संबंधित हर काम टेक्नोलॉजी से जुड़ गया है, जिससे जीवन स्तर में न सिर्फ सुधार हुआ है, बल्कि विकास को एक नई दिशा मिली है।

विज्ञान और टेक्नोलॉजी
विज्ञान और टेक्नोलॉजी एक-दूसरे के पूरक है, अथवा उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर ही आज विज्ञान नई-नई खोजें कर रहा है और विकास की दर को बढ़ाने में मद्द कर रहा है। वहीं आज का युग विज्ञान और तकनीकी का युग है, जिसमें मानव जीवन पूरी तरह विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो चुका है। आज टेक्नोलॉजी और विज्ञान की मद्द से ही इंसान समुद्र की गहराइयों से लेकर आसमान की ऊंचाई तक को माप सकता है। यही नहीं विज्ञान और तकनीकी ने इंसान की पहुंच अंतरिक्ष तक बना दी है।

निष्कर्ष
टेक्नोलॉजी ने आज मानव जीवन को जितना आसान बना दिया और देश -दुनिया की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना पूर्ण रुप से सहयोग दिया है तो वहीं दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी के इस बढ़ते इस्तेमाल ने मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है, इसलिए हम सभी को जरूरत के वक्त ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

Usman Gani
The Fabindia School
ugi@fabindiaschools.in

Wednesday, August 19, 2020

अपनी सुरक्षा अपना दायित्व - राजेश्वरी राठौड़

मानव को कोई भी कार्य के दौरान किसी दुर्घटना से बचने के लिए सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। सुरक्षा का
अर्थ हानी से बचाव करने की क्रिया और व्यवस्था को सुरक्षा कहते हैं। वर्तमान समय में सुरक्षित रहना हर वर्ग के लिए एक चुनौती सा बन गया है। हमारी स्वयं की सुरक्षा का दायित्व किसका है ? समाज, सरकार या स्वयं हमारा है। इसकी विवेचना करना आवश्यक है। वैसे तो मनुष्य को बचपन से ही हर तरह की  सुरक्षा के बारे में बताया या सिखाया जाता है। जैसे आग से, बिजली से, पानी से ,सड़क दुर्घटना से, औद्योगिक कार्य मे सुरक्षा  से सावधानी से कार्य करना चाहिए। हमारे स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जैसे व्यायाम करना ,पौष्टिक खाना खाना  इत्यादि।

एक उदाहरण के माध्यम से अपनी सुरक्षा अपना दायित्व को समझाने का प्रयास कर रही हूं मलेरिया जैसी बीमारी से हर हर साल  कई लोगों की मृत्यु होती है। अगर वह सुरक्षा रखें जैसे घर की सफाई अपने आस-पास पानी इकट्ठा ना होने देने की सफाई का ध्यान रखें तो मच्छर उत्पन्न ही नहीं होंगे रात में मच्छरदानी लगा कर सोना इत्यादि सुरक्षा के उपाय करेंगे तो बीमारी से बच सकते हैं। वैसे आज-कल कोराना जैसी महामारी ने लोगों को  हिला कर रख दिया है। इसके लिए सरकार उपचार कर रही है लेकिन हमको अपनी सुरक्षा स्वयं को करनी है जैसे मास्क बांधकर बाहर जाना सोशल डिस्टेंस बना कर चलना जो सुरक्षा के नियम है उनका सावधानीपूर्वक  निभाना है तभी अपनी सुरक्षा कर सकेंगे।

हमारे स्वास्थ्य की सुरक्षा का उत्तरदायित्व हमारा स्वयं का है सरकार के साथ-साथ हमें भी स्वयं की सुरक्षा करनी चाहिए।  सुरक्षा जीवन का अर्थ सुरक्षा के बिना जीवन व्यर्थ है।

राजेश्वरी राठौड़
The Fabindia School
rre@fabindiaschools.in

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