मेरे अनुभव के अनुसार, स्टाफ रूम केवल शिक्षकों के बैठने का स्थान नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का स्थान होता है। वहाँ शिक्षकों को बच्चों की समस्याओं, उनकी प्रगति और उनके व्यवहार पर सकारात्मक विचार करने की जगह होती है। जहाँ यदि शिक्षक केवल शिकायतें करते हैं, तो बच्चों के प्रति नकारात्मक सोच बन जाती है। लेकिन जब शिक्षक मिलकर बच्चों को बेहतर बनाने के उपाय सोचते हैं, तब विद्यालय का वातावरण अच्छा बनता है और बच्चों का संपूर्ण विकास भी होता है। स्टाफ रूम में सभी शिक्षकों के अपने अलग-अलग विचार होते हैं।
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