Sunday, October 4, 2026

हर अनुभव एक पाठ है और हर प्रयास सीखने का एक नया अवसर - मंजुला सागर


इस अध्याय “The Midwife” को पढ़ते हुए मुझे यह महसूस हुआ कि शिक्षा केवल किताबों और स्कूलों से मिलने वाली जानकारी का नाम नहीं है, बल्कि हमारे आसपास का वातावरण और हमारी परिस्थितियाँ हमें वह शिक्षा दे जाती हैं, जो हमें किताबों या स्कूल में नहीं मिलती। जीवन के अनुभवों से सीखना और सही समय पर सही निर्णय लेने की समझ भी शिक्षा का ही हिस्सा है। तारा का बचपन ऐसे वातावरण में बीत रहा था, जहाँ परिवार अपने विश्वासों और अनुभवों को डॉक्टरों तथा आधुनिक चिकित्सा से अधिक महत्व देता था। माँ का बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बच्चों की डिलीवरी में सहायता करना और तारा का छोटी उम्र में इन परिस्थितियों को देखना मेरे लिए बहुत सोचने वाली बात है।

इस अध्याय में तारा का डर, जिज्ञासा और धीरे-धीरे जिम्मेदारी को समझना मुझे बहुत प्रभावित करते हैं। खासकर जब कठिन परिस्थितियों में भी वह अपनी माँ के साथ बनी रहती है, तब लगता है कि बचपन के अनुभव व्यक्ति के मन और सोच पर कितना गहरा प्रभाव डालते हैं।

एक शिक्षक के रूप में मुझे यह अध्याय यह सोचने पर मजबूर करता है कि हर बच्चे की सीखने की यात्रा अलग होती है। बच्चों को केवल यह नहीं सिखाना चाहिए कि क्या सही है, बल्कि उन्हें प्रश्न पूछने, परिस्थितियों को समझने और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता भी देनी चाहिए। तारा के जीवन में शिक्षा धीरे-धीरे उसके लिए अपने अनुभवों को नए दृष्टिकोण से देखने का माध्यम बनती है।

परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करते हुए भी तर्क, ज्ञान और सही जानकारी के लिए अपने मन को खुला रखना जरूरी है, इसलिए सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। हमें कभी भी, कहीं भी निरंतर सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए और अपने कौशल का विकास करते रहना चाहिए। अपने जीवन के अनुभव से मैं यह महसूस करती हूँ कि जब हम किसी काम को स्वयं करते हैं, तो उसे अच्छी तरह समझ पाते हैं। उदाहरण के लिए, जब मैं बच्चों को पढ़ाते हुए केवल उन्हें समझाने के बजाय किसी गतिविधि में उन्हें स्वयं करके दिखाती हूँ, तब बच्चों ने उस बात को अधिक आसानी से और रुचि के साथ सीखा। इससे मुझे समझ में आया कि स्वयं करके सीखना बच्चों के लिए अधिक यादगार और अनुभवात्मक बन जाता है।

मंजुला सागर 

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