“The Midwife” अध्याय ने मुझे बहुत कुछ सोचने और समझने का अवसर दिया। तारा की माँ ने अपने अनुभवों, निरंतर सीखने और आत्मविश्वास के माध्यम से एक ऐसा कार्य सीखा, जिसे शुरुआत में करना उनके लिए आसान नहीं था। इससे मुझे महसूस हुआ कि सीखने के लिए केवल किताबों और औपचारिक शिक्षा पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है।
एक शिक्षिका के रूप में मैं मानती हूँ कि हर बच्चा अपने अनुभवों और अपनी गति से सीखता है। जब हम बच्चों को अवसर देते हैं, उन्हें ध्यान से सुनते हैं और उनकी छोटी-छोटी कोशिशों को महत्व देते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास विकसित होता है। इस अध्याय ने मुझे यह भी सिखाया कि शिक्षक को स्वयं भी हमेशा सीखते रहना चाहिए। कई बार बच्चों के प्रश्न, उनकी जिज्ञासा और उनके अनुभव हमें ऐसी बातें सिखाते हैं, जो किसी किताब में नहीं मिलतीं।
सरोज पटेल

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