तारा वेस्टओवर की पुस्तक Educated के अध्याय 6, “Shield and Buckler” से मैंने यह समझा कि परिवार का प्रभाव बच्चों के जीवन पर बहुत गहरा होता है। इस अध्याय में परिवार के बदलते रिश्तों, पिता के व्यवहार और माँ के गिरते स्वास्थ्य से जुड़ी कठिन परिस्थितियों को दर्शाया गया है। माँ का पारंपरिक दाई के काम से हटकर उपचार के अन्य तरीकों को अपनाना यह भी दिखाता है कि कठिन समय में इंसान किस तरह अलग-अलग रास्ते तलाशता है।
इस अध्याय से मुझे यह सीख मिली कि शिक्षा केवल किताबों का ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता विकसित करना भी है। एक शिक्षक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम बच्चों को केवल नियमों का पालन करना ही न सिखाएँ, बल्कि उन्हें कठिन परिस्थितियों में सोच-समझकर निर्णय लेना भी सिखाएँ। हमें बच्चों के मन में इतना विश्वास जगाना चाहिए कि वे बिना किसी डर के अपनी बात कह सकें और सही निर्णय लेने का साहस जुटा सकें।
मेरा मानना है कि सच्ची शिक्षा वही है, जो बच्चों को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए समझ, साहस और आत्मविश्वास प्रदान करे।
सुनीता त्रिपाठी
सनबीम ग्रामीण स्कूल

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