आज के सेशन से मेरे मन में एक विचार गहराई से आया—“जीवन हमें हर दिन दो रास्ते देता है, लेकिन हमारी पहचान इस बात से बनती है कि हम कौन-सा रास्ता चुनते हैं।”कई बार परिस्थितियाँ हमारे हाथ में नहीं होतीं, परिवार का वातावरण हमारे अनुकूल नहीं होता और संसाधनों की कमी हमारे सपनों के रास्ते में खड़ी होती है। लेकिन अपना चुनाव करना हमारे हाथ में होता है। इसका जीवंत उदाहरण स्वयं मेरी अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी हुई है। मैं एक गाँव के एक ऐसे परिवार से हूं जहां मेरे घर में कोई भी पढ़ा लिखा नहीं था इसके बावजूद मेरे पिताजी का यह मानना था कि नहीं पढ़ने से जो परेशानी में झेल रहा हूं वह मेरे बच्चे न झेले , मगर वहीं दूसरी तरफ गांव वाले मेरे पिताजी को भड़कते थे कि “लड़कियों को ज्यादा पढ़ाने की जरूरत नहीं है।” घर का काम ही उसके लिए पर्याप्त है। मेरे पिताजी गांव वालों की बात को अनसुना कर दिए और हम चार बहन में सभी को पढ़ाया। उनका यह मानना था कि अगर वे अपने भविष्य को बदलने के लिए पढ़ सकती हैं, तो मैं क्यों उनके सपनों को पूरा नहीं कर सकता?”वे विरोधियों की बातों को नजरअंदाज करते हुए हम सभी को पढ़ाने का निर्णय लिये ।अपने पिताजी के निर्णय को देखकर हम सभी बहनें धीरे-धीरे कठिनाइयों के बावजूद मन लगाकर पढ़ाई करने लगें ।यहाँ हमारी कोई सबसे बड़ी जीत कोई परीक्षा पास करना नहीं था बल्कि अपने पिता जी के विश्वास पर खरा उतरना था। हमारी सबसे बड़ी जीत थी परिस्थितियों के बजाय अपने भविष्य का चुनाव।
एक शिक्षक के रूप में मेरी सीख- इस अध्याय ने मुझे यह सोचने पर मजबूर किया कि कक्षा में बैठा हर बच्चा समान परिस्थितियों से नहीं आता। कोई आर्थिक कठिनाई से जूझ रहा हो सकता है, कोई पारिवारिक दबाव से, तो कोई आत्मविश्वास की कमी से।ऐसे में एक शिक्षक के रूप में मेरा काम केवल पाठ पढ़ाना नहीं है।कभी-कभी बच्चे के भीतर वह विश्वास जगाना पड़ता है, जो उसे अपने आसपास से नहीं मिल पाता।हो सकता है किसी बच्चे की कॉपी अधूरी हो, लेकिन उसका सपना बहुत बड़ा हो।हो सकता है वह कक्षा में चुप रहता हो, लेकिन उसके मन में बहुत सारे प्रश्न हों।इसलिए अब मैं केवल यह नहीं देखना चाहूँगी कि “बच्चे ने क्या नहीं किया?”बल्कि यह भी देखना चाहूँगा कि “बच्चा किन परिस्थितियों के बावजूद क्या करने की कोशिश कर रहा है?Choose the Good” मेरे लिए केवल एक अध्याय का शीर्षक नहीं, बल्कि जीवन का मंत्र भी है।हर परिस्थिति में हमारे सामने विकल्प होते हैं—हार मानना या प्रयास करना,
शिकायत करना या समाधान खोजना,डर के साथ रुक जाना या विश्वास के साथ आगे बढ़ना।कभी-कभी जीवन हमें अच्छा रास्ता आसानी से नहीं देता।हमें स्वयं अच्छे रास्ते का चुनाव करना पड़ता है, और शायद शिक्षा की सबसे बड़ी शक्ति भी यही है—वह बच्चे को केवल पढ़ना नहीं सिखाती, बल्कि अपने जीवन के लिए सही चुनाव करना सिखाती है।
“परिस्थितियाँ हमारे हाथ में नहीं होती,लेकिन उन परिस्थितियों में हमारा चुनाव हमारे हाथ में होता है।एक सही चुना पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है।”
गुलाबी, सनबीम ग्रामीण स्कूल

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