तारा वेस्टओवर के जीवन से मुझे यह सीख मिलती है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से सोचने, और अपने जीवन के बारे में निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। इसलिए शिक्षक का दायित्व केवल पाठ पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सही दृष्टिकोण विकसित करना भी है।
मैं अपने विद्यार्थियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें बिना किसी भेदभाव के सीखने के अवसर देने और उनकी क्षमताओं को पहचानकर प्रोत्साहित करने का प्रयास करूँगा।
मनोज कुमार, सनबीम ग्रामीण स्कूल

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