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Monday, June 7, 2021

सपने देखो- आयशा टॉक

Courtesy: www.shutterstock.com
सपने हमारी आत्मा का पोषण होते हैं। सपने हमें आशा देते हैं, हमें अपने आप से परे एक उद्देश्य को आगे बढ़ाने की सुविधा देते है। इसके बिना, जीवन की चुनौतियाँ बिना किसी पलायन के एक दिनचर्या बन जाती है, जो हमारी जिम्मेदारियों एवं कर्त्तव्यों की निरंतर याद दिलाती रहती है। हालाँकि, केवल सपने देखना ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उन्हें साकार करने का प्रयास भी करना चाहिए।

हर किसी के लक्ष्य और सपने होते हैं। आप अपने जीवन में जो हासिल करने का सपना देख रहे हैं, वह आपको अपने मास्टर प्लान में शामिल करने का भगवान का एक तरीका है। आपको सपनों और प्रतिभाओं के साथ एक सेट उपहार में दिया गया था, इस उम्मीद में कि आप इन जुनूनों को पूरा करेंगे, अपने सपनों का पालन करेंगे और इस तरह जीवन में आगे बढ़ेंगे। आपका सपना आपके होने का कारण है।

आपका सपना कोई संयोग नहीं है। आपका सपना है कि आप कौन है? आपको इसका पीछा करना चाहिए। आपका सपना आपको अर्थ और उद्देश्य की भावना देता है और आपको आपके चुने हुए भविष्य में ले जाता है। आपका सपना आपके जीवन का अर्थ है। यह वास्तव में एक बड़े अफ़सोस की बात है कि हमें बचपन से ही कहा जाता है कि हमें सपने देखना बंद कर देना चाहिए और “जीना” शुरू कर देना चाहिए।

परन्तु इस बात को पीछे छोड़ कर आपको अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहना चाहिए। जब तक आपके सपने आपको आपके डर से ज्यादा आकर्षित करते हैं, तब तक आपको आगे बढ़ने की ऊर्जा और साहस मिलेगा। जितना अधिक आप सपनों का पीछा करते हैं, आपका जीवन उतना ही रोमांचक होता जाता है।

Ayasha Tak, The Fabindia School , Bali atk@fabindiaschools.in

Monday, April 12, 2021

एक दिन फोन के बिन: सुरेश सिंह नेगी

संसार में बहुत सी चीजें ऐसी भी हैं जिसके बिना हम एक दिन भी नहीं रह सकते हैं। लेकिन अगर हम ठान  लें तो एक दिन के लिए उनके बिना भी रह सकते हैं। 

अक्सर कहा जाता है कि, एक छोटा बच्चा अपनी माँ के बिना एक दिन भी नहीं रह सकता है। लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे वह बड़ा होता चला जाता है। वह अपनी माँ के बिना भी रहना सीख़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि जब वह छोटा होता है तब उसके अन्दर समझ की कमी होती है। लेकिन आज हमें समझ होते हुए भी हम एक दिन भी फोन के बिना नही रह सकते हैं।

अगर आप, लोगों से पूछें कि क्या वह एक दिन फोन के बिना रह सकते हैं। तो ज्यादातर लोगों का यही कहना  होगा कि बिना फोन के हमें  नींद नही आती है, हमारा दिन फोन के बिना अधूरा सा लगता है या फिर हमारा  काम ही कुछ ऐसा है कि जो कि बिना फोन के हो ही नहीं सकता। काफी हद तक उनका कहना भी सही है क्योंकि उन्होने फोन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। 

आज के दौर में जिस तरह से फोन  का उपयोग हो रहा है मेरा मानना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। जब हमें   जरूरत हो उसी समय उसका उपयोग करें। सोचो कि कभी आपका फोन ख़राब हो जाए या फिर फोन की बैटरी खत्म हो जाए और पूरे दिन बिजली नही हो तब उस समय आप क्या करोगे। 

जिस प्रकार से हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपवास रखतें हैं, ठीक उसी प्रकार से फोन को भी महीने में कम से कम एक बार पूरे दिन के लिए अपने से दूर रखें।

सुरेश सिंह नेगी

The Fabindia School, Bali
sni@fabindiaschools.in

Saturday, November 21, 2020

सुबह उठने के फायदे - उषा पंवार

Courtesy Source: quora.com
सुबह-सुबह पढ़ने से दिमाग अच्छी तरह काम करता है। सुबह के समय दिमाग में कोई फालतू की सोच नहीं होती है जिससे पढ़ाई में अच्छा मन लगता है ।सुबह पढ़ाई करने के लिए रात में जल्दी सोना चाहिए और सुबह जल्दी पढ़ने की दिनचर्या बनानी चाहिए ।

सुबह पढ़ाई करने के बहुत फायदे हैं जैसे सुबह का वातावरण शांत होता है जिस वजह से इस समय पढ़ाई ज्यादा एकाग्रचित्त होकर कर सकते हैं ।सुबह के वक्त हमारा दिमाग तनाव मुक्त होता है ।अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा स्वास्थ्य भी आवश्यक है सुबह उठना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है ,साथ ही साथ सुबह उठने से एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हमारे अंदर होता है और मन प्रसन्न रहता है जो पढ़ाई के लिए बहुत जरूरी है।
 
सुबह पढ़ने से सोशल मीडिया और मोबाइल जैसे माध्यम पढ़ाई के बीच बाधक नहीं बनते ,किसी भी तरह की बाधा ना होने की वजह से पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दें पाते हैं । रात को अधिकतर कंपनी का इंटरनेट धीरे हो जाता है जिससे टेक्निकलअसुविधा होती है लेकिन सुबह यह प्रॉब्लम नहीं होती है इसलिए सुबह इंटरनेट use करना है तो सुबह पढ़ना आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है रात देर तक जागने से health issues होते हैं नींद पूरी नहीं होने के कारण immune system भी कमजोर हो जाता हैI

कम से कम 6-7 घंटे बराबर नींद मिलने से दिमाग को भी आराम मिलता है इसलिए exams के वक्त सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने से परीक्षा देते  वक्त नींद नहीं आती और पूरा ध्यान पेपर में रहता है। अतः सुबह जल्दी उठने की दिनचर्या बनानी चाहिए । सुबह जल्दी उठने की हमारी यह सीख प्राचीन काल से चली आ रही है जो अंग्रेजी की कविता..

Early to bed,
Early to rise,
Makes a man,
Healthy Wealthy and Wise.😊

Usha Panwar
The Fabindia School
upr@fabindiaschools.in

Sunday, June 7, 2020

विनम्रता और प्रशंसा: जफ्फर खान


विनम्रता हमारे आंतरिक प्रेम की शक्ति से आती हैं। दूसरों का सहयोग सहायता का भाव ही हमें विनम्र बनाता है यह कहना गलत है कि यदि हम विनम्र बनेंगे तो दूसरे हमारा अनुचित लाभ उठाएँगे  यथार्थ स्वरूप में विनम्रता हममे गजब का धैर्य पैदा करती हैं हममें सोचने समझने की क्षमता का विकास करती हैं विनम्रता हृदय को विशाल, स्वच्छ और ईमानदार बनाती हैं यह हमको सहज संबंध स्थापित करने के योग्य बनाती हैं

विनम्रता केवल दूसरों का दिल जीतने में कामयाब होती है अपितु हमको अपना ही दिल जीतने के योग्य बनाती हैं जो हमें आत्म गौरव और आत्म बल में ऊर्जा का अनवरत संचार करती हैं। हमारी भावनाओं के द्वंद्व समाप्त हो जाते हैं। साथ ही व्याकुलता और कठिनाइयाँ स्वत: दूर होती चली जाती हैं। एकमात्र विनम्रता से ही संतुष्टि, प्रेम और सकारात्मकता हमारे व्यक्तित्व के स्थायी गुण बन जाते हैं।

प्रशंसा श्रेष्ठता एवं प्रसन्नता का प्रतीक होती हैं क्योंकि प्रशंसा जिसके भी विषय में हो उसे श्रेष्ठ प्रमाणित करती हैं तथा उसको प्रसन्न करने का कार्य भी करती हैं प्रशंसा वार्तालाप के वातावरण को खुशनुमा एवं संबंधित इंसानों को खुशियाँ प्रदान करने का सबसे सरल साधन होता है मनुष्य के विचारों में सदैव परिवर्तन होता रहता है परंतु श्रेष्ठ विचारों की प्रशंसा वास्तविक प्रशंसा ही होती हैं क्योंकि विचारों की श्रेष्ठता सत्य होती हैं जो कभी समाप्त नहीं होती हैं चाहे विचार व्यक्त करने वाला इंसान स्वयं भी उन विचारों पर क्रियाशील ना हो

प्रशंसा वास्तविक होने से प्रेरणादायक होती हैं एवं झूठी प्रशंसा मन को प्रसन्न अवश्य करती हैं परंतु इंसान को भ्रमित करके उसकी बुद्धि को प्रभावित करती हैं। प्रशंसा दैनिक जीवन की दिनचर्या का महत्वपूर्ण अंग हैं धन्यवाद, वाह-वाहबहुत अच्छेअति सुंदर जैसे शब्द सामान्य प्रशंसा के सूचक होते हैं। अपने समीप के इंसानों एवं अपनों तथा मित्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सामान्य  प्रशंसा अत्यंत आवश्यक कार्य हैं, इससे अच्छे कार्यों के प्रति उत्साह में वृद्धि होती हैं इंसान अपने अच्छे कार्यों की प्रशंसा सुनकर और अधिक अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित होता है सामान्य प्रशंसा करना इंसान के व्यवहार की श्रेष्ठता को भी प्रमाणित करती हैं क्योंकि अव्यवहारिक इंसान कभी किसी की प्रशंसा नहीं करते हैं। 
Jaffar Khan
The Fabindia School, Bali

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