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Tuesday, January 23, 2018

गुणवत्ता ग्राहकों द्वारा परिभाषित होती है !

यह एक कटु सत्य है कि किसी भी वस्तु की गुणवत्ता और उपियोगिता उसके ग्राहकों द्वारा तय की जाती है ! 
इसी वाकय को हम सकूल से जोड़कर देखे तो कह सकते है कि बच्चे ग्राहक है, वे ही अध्यापक की गुणवत्ता का परिचय देंगे !
अधयापक को अपने ग्राहकों के संतुष्ट का पूरा ध्यान रखना होगा ! उनकी न्यूतनम उम्मीद पूरी करना, बालको को विविधता प्रदान करना, हर पल  आनदायक बनाना,कुछ अतिरिक्त देने का प्रयास कर उनका ध्यान आकर्षित करना आदि लक्ष्यों पर काम करना होगा !
विध्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी है की विध्यालय प्रशासन, शिक्षकों और शैक्षिक कार्यकर्मो में  तालमेल  हो  |कक्षा में वातावरण बनाये रखना जिसमे शिक्षा के साथ अन्य गतिविधिया भी सिखाई जाए | पाठ्यपुस्तक के अलावा भी बाहरी ज्ञान दिया जाए,  बच्चो की ग्रहण क्षमता के अनुरूप ही पाठ्यपुस्तक पर कार्य किया जाए |

हमारी सीख : पुस्तक - आइसक्रीम मेकर से

लेखक - सुबीर चौधरी
अध्यापक गण : विम्मी राजपुरोहित , ज़फर खान , मोनिका वैष्णव , गजेंद्र मेवाड़ा - The Fabindia School

Thursday, January 18, 2018

गुणवत्ता ग्राहक द्वारा परिभाषित होती है।

ग्राहक का यहाँ अर्थ अपने विद्यार्थी। गुणवत्ता अपने छात्र ही बताएँगे, हम स्वयं किसी प्रकार की घोषणा नहीं कर सकते।  हमारे विद्यार्थी जो सीखेंगे यही हमारी उपलब्धि होगी, यही विज्ञापन होगा। 
इसके लिए आवश्यक है कि छात्रों की न्यूनतम उम्मीद पूरी की जाए।  उस योग्यता का होना आवश्यक है जो एक शिक्षक में होनी चाहिए।  छात्र उम्मीद करते है कि  उनके अध्यापक के पास  अधिकतम जानकारी हो।  इस मायने में खरे उतरना शिक्षक का दायित्व है।  इसके लिए शिक्षक आपस में मददगार हो।  छात्रों को विविधता प्रदान करें, हर रोज़ एक जैसे काम से छात्र ऊब जाये। छात्र खुश रहें और उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ अतिरिक्त करें, जिससे अपना काम औरो से हटकर लगे।  कक्षा में छात्रों का हरपल आनंददायक हो, इससे छात्रों की शिक्षक में निष्ठा बढ़ेगी l
समूह सदस्य-
विनीत सिंहबायजु जोसफकविता देवड़ा, कृष्ण गोपाल - The Fabindia School
हमारी सीखआइसक्रीम मेकर से, लेखक - सुबीर चौधरी  

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