Showing posts with label चुनौतियों. Show all posts
Showing posts with label चुनौतियों. Show all posts

Sunday, February 15, 2026

कन्वेंशनल बनाम कंटेम्पररी स्कूल मैनेजमेंट- सुनीता त्रिपाठी

आज के सेशन में हमने "कन्वेंशनल बनाम कंटेम्पररी स्कूल मैनेजमेंट" पर चर्चा की। संदीप दत्त सर जी ने हमें इनोवेटिव टीचिंग तरीकों और गैर-पारंपरिक टीचरों की नियुक्ति के बारे में बताया। स्टूडेंट्स के व्यवहार से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए टीचर्स की काउंसलर के रूप में भूमिका पर भी बात हुई।

मेरे लिए इस सेशन से यह समझ में आया कि शिक्षकों को नए और प्रभावी तरीकों से पढ़ाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना बहुत जरूरी है। गैर-पारंपरिक तरीकों से पढ़ाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति भी एक अच्छा विचार है।

मैंने सीखा कि स्टूडेंट्स के व्यवहार से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए टीचर्स को काउंसलर की भूमिका निभानी चाहिए और उन्हें व्यक्तिगत ध्यान देना चाहिए। शिक्षा में टेक्नोलॉजी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने से स्टूडेंट्स को और भी प्रभावी तरीके से पढ़ाया जा सकता है।

मैं इस सेशन से मिली जानकारी को अपने शिक्षण में लागू करने की कोशिश करूंगी और स्टूडेंट्स के लिए और भी प्रभावी तरीके खोजूंगी।

सुनीता त्रिपाठी, सनबीम ग्रामीण स्कूल


Wednesday, August 5, 2020

शिक्षा और कोविद -१९ - Suresh Negi

कोविद -१९ महामारी के कारण, देश भर की राज्य सरकारों ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अस्थायी
रूप से बंद कर दिया। मौजूदा स्थिति के आधार पर, यह नही कहा जा सकता है कि यें अब कब खुलेंगी। जब स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को फिर से खोला जाएगा तब निस्संदेह, यह शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण समय होगा, क्योंकि इस अवधि के दौरान कई स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएं और प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित की जायेंगी।  

तकनीकी रूप से अब पूरा भारत दो भागों में विभाजित हो चुका है, जँहा एक ओर  तकनीक-गरीबों से वंचित और तकनीक के जानकारों को  अलग कर रहा है, वंही दूसरी ओर लाखों बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं की चुनौतियों का सामना करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

कोविद -१९ महामारी, जिसने लोगों को अपने घरों में और स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को आभासी कक्षाएं लेने के लिए मजबूर कर दिया है, जिसके लिए छात्र के पास एक कंप्यूटर या कम से कम एक स्मार्टफोन, एक उचित इंटरनेट कनेक्शन और बिजली की आपूर्ति का होना अति आवश्यक है।शिक्षा का क्षेत्र, जो कभी वास्तविक स्तर पर नहीं पहुंचा था, अब छात्रों, और उनके शिक्षकों के रूप में गांवों, शहरों और कस्बों में समय की माँगों का सामना करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

उदाहरण के लिए, गाँवो में जंहा सिगनल पूर्ण रूप से न होने का सामना करना पड़ता है। वंही इस मौसम में बिजली की आपूर्ति का सामना भी करना पड़ रहा है। कई लोंगो के पास एक फोन है, लेकिन आमतौर पर बिजली नहीं है, इसलिए प्रत्येक दिन ऑनलाइन व्याख्यान लेना मुश्किल है।

कुछ लोग जिनके दो बच्चे जो एक ही स्कूल में पढ़ते ही है, उनमे से एक बच्चा ऑनलाइन कक्षाओं में भाग नही ले पाता है, क्योंकि वे दोनों एक मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं। अंत में मैं यही कहना चाहता हूँ, कि कोविद -१९ का यह दौर जल्दी से जल्दी समाप्त हो जिससे कि जो भी लोग किसी कारणवश शिक्षा से दूर हो गएँ हैं,वो दुबारे से इसका लाभ ले सकें।

Suresh Negi
The Fabindia School
sni@fabindiaschools.in

Tuesday, March 31, 2020

साहस- राजेश्वरी राठौड़


किसी भी काम को करने के लिए साहस होना चाहिए। यदि आपके अंदर हिम्मत नही होगी तो आप कुछ नही कर पायेंगे। हर चीज के लिए आपको हिम्मत चाहिए। चाहे वह छोटा कार्य ही कयों नाहो। जो आदमी यह महसूस  करता है किसी महान निश्चय के समय वह साहस से काम नहीं ले सका ;जिंदगी की चुनौतियों को कबूल नहीं कर सका; वह सुखी नहीं हो सकता है। बड़े मौके पर साहस नहीं दिखाने पर आप अपना वह लक्ष्य प्राप्त करने में विफल रहते हैं। विश्व के 95% व्यक्ति अपने लक्ष्य को या कार्य को प्रारंभ इसलिए नहीं कर पाते हैं कयोंकि वे इस बात से  डर जाते हैं की वह कहीं कोई गलती कर बैठेंगे या  असफल  हो जाएंगे  

केवल 5% व्यक्ति ही अपने लक्ष्य प्राप्ति हेतु जोखिम लेने की हिम्मत जुटा पाते हैं ।अंतत अपने लक्ष्य को प्राप्त कर उन 5% महान व्यक्तियों की श्रेणी में सम्मिलित हो जाते हैं ,जिन्हें  यह विश्व महापुरुष के रूप में जानते  हैं वर्तमान में विश्व में कई चुनोतियाँ  मुंह फैलाये खड़ी हैं ;जिनसे वे ही जीत पाएंगे जो इनका मुकाबला करने की हिम्मत दिखा पायेंगे विद्यार्थियों को भी हर चुनौती का सामना करने का साहस रखना चाहिए तभी वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे।

राजेश्वरी राठौड़
The Fabindia School

Blog Archive