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Monday, November 16, 2020

साहस ही जीवन है - Ayasha Tak

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साहस की जिंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह बिल्कुल  निडर, बिल्कुल बेखौफ होती है। साहसी मनुष्य की असली पहचान यह होती है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता है, कि दूसरे लोग उसके बारे में क्या सोचते है ? अड़ोस - पड़ोस को देख कर चलना यह साधारण मनुष्यों का काम है।

 साहसी व्यक्ति न तो अपने उद्देश्य की तुलना दूसरों से करते है और न ही दूसरों को देखकर अपनी चाल को बदलते है। जो व्यक्ति यह महसूस करता है कि किसी महान निश्चय के समय वह साहस से काम नहीं ले सका, जिंदगी की चुनौती को कबूल नहीं कर  सका , वह कभी सुखी नहीं हो सकता।

जीवन में साहस एक मुख्य भूमिका निभाता है जो हमें निडरता के साथ जिंदगी जीने में  मदद करता है। हम सभी के जीवन में कुछ मुश्किलें पैदा होती है और हमें  कई प्रकार की कठिनाइयों से गुजरना पड़ता हैं। 

लेकिन सभी मुश्किलों में साहसिक व्यक्ति हिम्मत से काम लेते हैं और एक नयी जबरदस्त शुरुआत करते हैं। साहस के साथ कठिनाईयों से लड़ने वाले व्यक्ति अपने जीवन में सफलता की ऊँचाईयों को जरूर प्राप्त करते हैं। खुश रहने का रहस्य है स्वतंत्रता और स्वतंत्र रहने का रहस्य साहस होता है।
 
Ayasha Tak
The Fabindia School
atk@fabindiaschools.in

Wednesday, September 2, 2020

संघर्ष ही जीवन है - सुरेश सिंह नेगी

जीवन एक संघर्ष  है जो अंत में विजय का द्वार खोलती है और समस्या का समाधान करती है। जीवन में परिवर्तन
का क्रम चलता रहता है। जब तक जीवन है तब तक संघर्ष है।संघर्ष का दौर तो हमारे इस दुनिया में हमारे  जन्म लेने के साथ ही शुरू  हो जाता है। जब हम छोटे थे उस समय हमें सही से चलने और बोलने के लिए  संघर्ष  करना पड़ता था। जब बड़े हुए तो पढाई के लिए संघर्ष, उसके बाद नौकरी के लिए संघर्ष ‘इसलिए जब तक जीवन  है हमें संघर्ष करते हुए जीना होता है। जीवन  हमेशा आसानी से नहीं गुजरता, हर दिन कोई न कोई चुनौती, कोई न कोई, संघर्ष जीवन  में आता है और आता रहेगा।

ऐसा कोई नहीं हैं जिसके जीवन   में चुनौतियाँ  न हों, दुःख न हों, कठिनाई न हों, रुकावटें न हों। चुनौतियां केवल बुलंदियों को छूने की नहीं होतीं, बल्कि वहां टिके रहने की भी होती हैं। इस दुनिया में हर एक प्राणी संघर्ष कर रहा है।   यह ठीक है कि एक काम करते-करते हम उसमें कुशल हो जाते हैं। उसे करना आसान हो जाता है, पर वही करते रह जाना हमें अपने ही बनाई सुविधा के घेरे में कैद कर लेता है। 

 संघर्ष काल में हमें यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि व्यक्ति के स्वयं के हाथ में कुछ नहीं है। लेकिन उसे लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।   क्योंकि प्रयास सफलता की कुंजी होती है।

हमें जीवन में संघर्षो का स्वागत करते रहना चाहिए। बिना संघर्ष किए जीवन के लक्ष्य प्राप्त नहीं किये जा सकते। कहते हैं कि संघर्ष करने वालो की कभी हार नहीं होती। 

संघर्ष से व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है। ऐसे व्यक्ति सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति होते है जो अपने आसपास के वातावरण से ही उस सकारात्मकता को ग्रहण करते है। हमें भी अपने सभी पहलुहों से सकारात्मकता ग्रहण करनी चाहिए। हमें अपना दृष्टिकोण बदलना चाहिए और अपने अंदर सकारात्मकता विकसित करनी चाहिए। 

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School
sni@fabindiaschools.in

Friday, July 24, 2020

प्रकृति का मानव जाति को पाठ - Aysha Tak

प्रकृति का मानव जाति को पाठ पढ़ाने का अपना तरीका है।  जब कठिन पाठ पढ़ाया जाता है , तो प्रकृति भी एक
कठोर शिक्षक बन जाती है। कोविड - 19 अभी हमारे लिए प्रकृति द्वारा पढ़ाया जा रहा सबसे कठिन पाठ है। इस महामारी ने हमें यह सिखाया है कि हम यह सुनिश्चित करें कि हम शिक्षण प्रदान करने के सभी रास्ते तलाशते रहते हैं। शिक्षक कभी भी हार मानकर नहीं बैठते हैं। वह अपने विद्यार्थियों की सहायता एवं देखभाल के लिए विभिन्न रास्ते तलाशते रहते हैं। उनमें से अभी के समय में एक रास्ता जो शिक्षकों ने तलाशा वह है ऑनलाइन शिक्षा का। इसके लिए पहले शिक्षकों को खुद को सब कुछ सीखना पड़ा ,ताकि वह विद्यार्थियों को अच्छे तरीके से ऑनलाइन शिक्षा दे सकें।

 सीखने की कोई उम्र नहीं होती है और ना ही सीखने का कभी अंत होता है। सीखना - सिखाना ताउम्र चलता रहता है। अभी जो हम यह ऑनलाइन शिक्षा चला रहे है यह भी प्रकृति की ही मेहरबानी है। अगर ऐसी स्थिति नहीं आती तो अभी हम ऑनलाइन शिक्षा नहीं कर रहे होते। पहली बार ऑनलाइन क्लासरूम दुनिया पर राज कर रहे हैं। उपस्थिति हमारे लिए हमेशा सबसे बड़ी चुनौती रही है। इस कठिन समय में जब विद्यालय बंद है। उसके बावजूद भी उनके अध्यापक दिन - रात मेहनत करके उनके लिए पढ़ाने के नए - नए तरीके खोजकर योजनायें बनाकर उनको पढ़ा रहे हैं।तो विद्यार्थियों का यह कर्त्तव्य बनता है कि वे नियमित अपनी कक्षाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएँ और जो भी सिखाया जाता है, पूर्ण ईमानदारी से सीखने का प्रयत्न करें। कुछ पाठों को कठिन तरीके से सिखाया जाता हैं ,लेकिन हमें सीखना चाहिए और कोविड - 19 सम्पूर्ण मानवजाति के लिए गंभीर रूप से सीखने वाला सबक है। 

आयशा टाक
The Fabindia School
atk@faidiaschools.in

Sunday, May 17, 2020

साहस और धैर्य: उषा पंवार


सच्चा साहसी वही होता है जो कभी निराश नहीं होता है। जिस काम को करने में डर लगता है फिर भी हम उस काम को करने की कोशिश करते हैं और पूरा कर देते हैं वही साहस होता है। साहस धैर्य योग्यता कोशिश यह सफलता के रहस्य हैं। हमें कठिन परिस्थितियों में ही साहस व धैर्य की आवश्यकता पड़ती है। साहस रखने व वाले व्यक्ति किसी से नहीं डरते उनके सामने कोई भी मुश्किल हो। साहस ही एकमात्र ऐसा साथी है जिसे साथ लेकर मनुष्य कठिन से कठिन रास्ते पर चलकर लक्ष्य तक पहुंच जाता है। साहस वह उत्साह है जो जीवन में रंग भरता है। विद्यार्थियों को भी हर चुनौती का सामना करने का साहस रखना चाहिए तभी वे अपने लक्ष्य तक पहुंच है।

     धैर्य:-धीरे धीरे रे मना धीरे सब कुछ होय,
         माली सींचे सौ घड़ा ऋतु आए फल होय।

जिसे धीरज है वह मेहनत से नहीं घबराता उसे सफलता मिलती ही है। धैर्य कड़वा है पर उसका फल मीठा होता है। धैर्य हर समस्या का हल है। धैर्य यानी सब्र एक ऐसी सवारी है जो सवार को गिरने नहीं देती दुख में धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। धैर्य और साहस में फर्क है जहां धैर्य की जरूरत है वहां साहस से काम नहीं चलता जैसे यदि कोई पानी में डूबा जा रहा है तो उसे बचाने के लिए साहस की जरूरत होती है न कि धैर्य की। उस समय धैर्य काम बिगाड़ देता है उसी प्रकार शिक्षक को कमजोर छात्र को समझाने के लिए धैर्य की जरूरत होती है ।
Usha Panwar
The Fabindia School

Sunday, July 29, 2018

चुनौती : एक सर्वोत्तम सीख - उर्मिला राठौड़

चुनौती शब्द से ही हमारे मस्तिष्क में एक विचार आता है जिसमें  रोमांच एवं परेशानियों से झकझोर देने वाली स्थिति का आभास होता है। जबकि देखा जाए तो ये चुनौतियाँ हमें अच्छे से उत्कृष्ट बनाने वाली विधियाँ  हैं। हम अपनी दिनचर्या में देखें तो प्रति क्षण हम विभिन्न समस्याओं एवं चुनौतियों से दो चार होते है। वस्तुतः हम इन सबसे भागने की कोशिश करते हुए भी हल कर बैठते है तो क्यों न हम इनका आगे होकर खुशनुमा माहौल बनाकर समाधान करें । हम अपनी चुनौतियों का हल ढूँढने के लिए अपने सहयोगियों से सहयोग लेते है । साथ ही रचनात्मकता तथा धैर्य रखें और बार-बार प्रयास करें।

शैक्षिक परिदृश्य में देखें तो एक शिक्षक प्रतिदिन छात्र सम्बन्धित समस्या जैसे उनकी जिज्ञासा का निवारण करना, विषय वस्तु को तर्कसंगत ढंग से समझाना, वातावरण के प्रति जागरूक करना , समसामयिक जानकारी से अवगत कराना, परीक्षा में उत्तम परिणाम  और उनमें नैतिकता को बनाये रखने संबंधित विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ये सब तभी संभव होता है जब एक अध्यापक नवीन विधियों एवं तकनीकियों द्वारा उनको समझाए।

छात्रों के मस्तिष्क उद्वेलन के लिए उनके समक्ष  परिस्थितियों को उत्पन्न करना बहुत आवश्यक है। जैसे-नवीन समस्याओं का हल खोजना , पाठ की व्याख्या करना,वर्तनी अभ्यास, वाक्य शुद्धिकरण, सहपाठियों या समूहों में बैठकर  प्रश्नोत्तरी तैयार करना, किसी स्थान और व्यक्ति  विशेष के बारें में जानकारी इक्कठा करना, समसामयिक  घटनाओं  पर अपने विचार व्यक्त करना आदि अनेक अभ्यास करने को दिया जाए जिससे उनका प्रायोगिक ज्ञान और अनुभाविक ज्ञान बढ़ सके।

इन सभी प्रयासों से छात्र धैर्यवान, विचारशील, जिज्ञासु एवं खोजी प्रवृति के बन सकेंगे और यही वर्तमान शिक्षा एवं समय की मांग है। चुनौतियों का हल करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है कि हम अतीत की गलतियों को सुधार कर वर्तमान पर ज्यादा ध्यान दे । जब हम अतीत और वर्तमान को जोड़ना सीख जाएंगे तब हम अपने ज्ञान को विस्तृत कर कर सकेंगे। हम कभी भी अपनी समस्याओं को लेकर नहीं बैठे वरना वो समस्याएँ हमें दबाव में डालती रहेगी और वर्तमान कार्य पर अपना प्रभाव डालता रहेगी |निरंतर अभ्यास से एवं अपनी अभियोग्यताओं एवं कौशलों में सुधार करके हम निरंतर प्रगति कर सकेंगे। कठिनाइयों व विपत्तियों से न घबरा के उनका सकारात्मक तरीके से सामना करना चाहिए।
उर्मिला राठौड़
द फैबइंडिया स्कूल ,बाली

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