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Monday, May 25, 2020

सरलता एवं विश्वास: आयशा टॉक


सादगी एक महान गुण है, जिसे हर कोई जीवन में पालन कर सकता है। हमें सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखना चाहिए। हमारे पास एक साधारण जीवन - शैली होनी चाहिए। हमें फैशन के पीछे नहीं भागना चाहिए। हमें अपने साधनों से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए। हमें अपने भाषण अर्थात बोली में शिष्टाचार एवं सादगी का पालन करना चाहिए। हमें अपनी बात में मीठा एवं विनम्र होना चाहिए। हमें घमंड नहीं करना चाहिए, न ही हमें अपनी कड़वी बातों से किसी का दिल दुखाना चाहिए। हमें किसी भी परिस्थिति में अपना आपा अर्थात मानसिक संतुलन नहीं खोना चाहिए। हमें अगर किसी को कुछ कहना होता है, तो हम अपनी बात को बहुत ही सरल लहजे से कह सकते है। सरलता कभी किसी को दुखी नहीं करती है, बल्कि सरलता किसी व्यक्ति के दिल में आपके लिए सम्मान एवं विश्वास पैदा करती है। 

 विश्वास एक बहुत छोटा - सा  शब्द लगता है, लेकिन इसके मायने बहुत बड़े एवं गहरे होते हैं। विश्वास ही जीवन का आधार है। विश्वास पर दुनिया टिकी हुई है। जिंदगी में किसी पर विश्वास करना एवं किसी का विश्वास जीतना बहुत जरूरी होता है। विश्वास एक बहुत ही अमूल्य भावना है, जिसका कोई मोल नहीं होता है। यदि जीवन में आप पर किसी ने विश्वास कर लिया एवं आपने किसी का विश्वास जीत लिया तो आप बहुत ही भाग्यशाली व्यक्ति है। विश्वास हर रिश्ते में बहुत जरूरी होता है। यह जरूरी नहीं है कि हर बार हम किसी पर या कोई हम पर एकदम से विश्वास कर लें। विश्वास की राह कठिन जरूर है, परन्तु फिर भी हम उसे पा जरूर सकते है, वह नामुमकिन नहीं है। हो सकता है, अगले को हम पर विश्वास करने में कुछ ज्यादा वक्त लग जाए। 

परन्तु बालकों का मन बहुत कोमल होता हैं, वे आसानी से अपने रिश्तेदारों, मित्रों एवं अध्यापकों पर विश्वास कर लेते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ प्यार, अपनत्व एवं सादगी भरे व्यवहार की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए जैसे - एक छोटा बच्चा जब चलना सीखता है, जब वह डगमगाने लगता है तो अपने परिवार के किसी बड़े व्यक्ति का हाथ थाम लेता है। ठीक ऐसे ही जब कोई बच्चा पहली बार विद्यालय में आता है तो वह बहुत रोता है, परन्तु जब उसके अध्यापक उसकी भावनाओं को पूरी तरह से समझने लग जाते है। वे उसके सामने सरलता और प्यार से पेश आने लगते है तो वह बच्चा रोना बंद कर देता है एवं अपने अध्यापक पर पूर्ण  विश्वास करने लगता  है एवं अपनी हर बात उनके साथ में बाँटने लगता है। फिर तो वह अपनी हर परेशानी को अपने रिश्तेदारों से ज्यादा अपने अध्यापक पर भरोसा करके उन्हें बता सकता है। 
Aysha Tak
The Fabindia School, Bali

भरोसा और सादगी: सुरेश सिंह नेगी


भरोसा एक मोतियों की माला की तरह होता है जिसमे धागा, मोतियों को एक सूत्र में बाँधे रखता है। यह काफी हद तक एक भावनात्मक क्रिया है, जिसे हम बाहरी रूप से नहीं दिखा सकते हैं।

बस, कुछ आन्तरिक शक्तियाँ ऐंसी भी हैं, जो हम सभी को एक साथ जोड़े रखती हैं। जिसे भरोसा के नाम से  जाता है। इसकी उपस्थिति लोगों को एक साथ रहने और काम करने, सुरक्षित महसूस करने और एक समूह से संबंधित होने की अनुमति देकर रिश्तों को मजबूत करती है। इसीलिए हमें अपने परिवार के सदस्यों, अपने मित्रों और अपने सहकर्मियों पर भरोसा करने की आवश्यकता है।

आमतौर पर कहा जाता है कि 'सादगी' एक गुण है, हम में से कई लोग यह भी मानते हैं, कि यह एक खूबसूरत चीज है। वास्तविक जीवन में सादगी का प्रतीक हमारा पहनावा, खान-पान और रहन- सहन के रूप में माना जाता है। लेकिन इस तरह की सादगी बाहरी है, इसके साथ-साथ आन्तरिक सादगी का भी हमारे जीवन में होना अति महत्वपूर्ण है।

इसके लिये हमें अपने भाषण और शिष्टाचार में सादगी का पालन करना चाहिए। हमें अपनी बात में मीठा और विनम्र होना चाहिए। हमें घमंड नहीं करना चाहिए, न ही दूसरों को धमकाने की कोशिश करनी चाहिए। हमें किसी भी परिस्थिति में अपना आपा नहीं खोना चाहिए। हमें अपने व्यवहार में ईमानदार और सीधा होना चाहिए।

जहाँ सादगी की बात की जाए तो एक छोटा बच्चा इसका सबसे अच्छा उदाहरण हो सकता है, क्योंकि जो सादगी एक बच्चे में होती है वह किसी में नहीं होती है। वहीं, दूसरी ओर एक बच्चे का अपनी माँ के प्रति जो भरोसा होता है वह भी अन्यत्र कहीं देखने को नहीं मिलता है। 
Suresh Singh Negi
The Fabindia School, Bali

सादगी और विश्वास: जफ्फर खान

मेरे अनुसार सादगी एक महान गुण है l जिसे व्यक्ति अपने जीवन में पालन कर सकते हैं | हमारे पास एक साधारण जीवन शैली होनी चाहिए | हमें अपने भाषणों और शिष्टाचार में भी सादगी का पालन करना चाहिए | हमें अपनी बात में मीठा और विनम्र होना चाहिए |

सादगी भरे जीवन का अर्थ है कम खरीदनाकम उपयोग करनाखुद को उन चीजों के प्रति समर्पित करना जो महत्वपूर्ण है | कोई भी चीज खरीदने से पहले गंभीरतापूर्वक विचार करें  फिर  खरीदे | अपने जीवन के आध्यात्मिक और भावनात्मक कष्ट को दूर करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ बने रहे | हम जितना सादगी से रहेंगे जीवन उतना ही सार्थक होता जाएगा |

सादा जीवन यानी आजाद जीवन | वह जीवन जो हमको उस ओर बढ़ने की राह दिखाता है जहाँ जुनून और उपलब्धियाँ हैं | परिवार में विश्वास ही एक ऐसी चीज है, जो पूरे परिवार को आपस में बाँधें रखती हैं और उसी विश्वास के आधार पर प्रत्येक सदस्य अपने कर्तव्य के प्रति पूरी निष्ठा रखता है | हमें अपने लक्ष्य और मंजिल को पाने के लिए अपने मन में अटल विश्वास रखना चाहिए |

विश्वास ने  दुर्बलो को बलवान और रोगियों को निरोगी बनाया है | वह कार्य करने में अधिक शक्ति रखते हैं | उनका जीवन मर्यादा युक्त होता है | उनकी कार्यशैली नियमबद्ध होती हैं | विश्वासी व्यक्ति सदैव सत्य पर भरोसा कर विजय प्राप्त करते हैं | सत्य असीम हैं, अनंत हैं | विश्वासी व्यक्ति ईर्ष्या नहीं करते, द्वेष नहीं करते, शिकायतें नहीं करते, निंदा नहीं करते है | वे निरंतर अपने कर्तव्य में लगे रहते हैं और अपना कार्य करते रहते हैं
Jaffer Khan
The Fabindia School, Bali

Sunday, April 19, 2020

नैतिक मूल्य - सुरेश सिंह नेगी


व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्यों का बड़ा महत्त्व होता है।  इसका आंरभ मनुष्य के बाल्यकाल से ही हो जाता है।  जिस प्रकार एक सफ़ल व्यवसाय की प्राप्ति के लिए की जाने वाली मेहनत कोशिशें विद्यार्थी जीवन से ही शुरू हो जाती हैं ठीक उसी प्रकार अच्छे गुणों को धारण करने के प्रयत्न की शुरुआत भी विद्यार्थी जीवन से ही करनी ज़रूरी है क्योंकि  आदतें चाहे अच्छी हों या बुरी, एक या दो दिन में  प्राप्त नहीं  की जा सकती बल्कि ये तो सालों के प्रयास से आती हैंl सब पर दया करना, कभी झूठ नहीं बोलना, बड़ों का आदर करना, सच बोलना, सबको अपने समान समझते हुए उनसे प्रेम करना, सबकी मदद करना, किसी की बुराई करना आदि कार्य नैतिक शिक्षा या नैतिक मूल्य कहलाते हैं।

बच्चों में नैतिक मूल्यों का निर्माण करने की जिम्मेदारी माता-पिता, परिवार, विद्यालय  एवं समाज की है। आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं, अतः शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को  भी जीवन में स्थान  देने की जरूरत है ।नैतिक मूल्यों को शिक्षा में इस तरह शामिल करना चाहिए  जिससे विभिन्न पाठ्यक्रमों में, कार्यशालाओं गतिविधियों में, इन नैतिक मूल्यों का संदेश सहज, सरल रोचक तौर-तरीकों से विद्यार्थियों तक पहुँच  सके इसके लिए अच्छे साहित्य, चलचित्र, श्रव्य -दृश्य सामग्री आदि का सहारा लिया जा सकता है।

यदि जीवन में शिष्टाचार, सदाचार, अनुशासन, मर्यादा है तो परिवार और देश में शांति रहेगी। यदि किसी व्यक्ति ने कभी भी नैतिक मूल्यों को नहीं सीखा है, तो वह सही और गलत के बीच अंतर नहीं कर सकता है? यदि सभी माता-पिता अपने बच्चों को घर में नैतिक मूल्यों की शिक्षा दे, तो विद्यालयों  के लिए यह काम करना जरूरी नहीं होगा। दुख की बात यह है कि बहुत से बच्चे अपने माता-पिता से सही और गलत के बीच का अंतर नहीं सीख पाते  हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अपने काम में  व्यस्त होने के कारण  ज्यादातर माता और पिता अपने बच्चों के साथ केवल कुछ ही घंटे बिताते हैं। कई परिवारों में, बच्चों का पालन करने के लिए केवल एक माता-पिता और कोई अन्य प्रेरणास्रोत  नहीं है।

 नैतिक मूल्यों अच्छी आदतों के चलते आप अपने आस-पास के लोगों के बीच प्रिय बन सकतें  हैं जिससे दूसरों के साथ आपके अच्छे सम्बन्ध  बनते हैं जो कि जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की पाने के लिए बहुत ज़रूरी हैंl

सुखद सफ़ल जीवन व्यतीत करने के लिए दूसरों से अच्छे संबंध कायम करना बेहद ज़रूरी है, जिसके लिए हमारे भीतर नैतिक मूल्य कूट-कूट कर भरे होने चाहिएl अच्छी आदतें अच्छा आचरण सफ़ल व्यक्ति की पहली पहचान होती हैंl

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School

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