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Friday, September 11, 2020

मेरी रुचि - उर्मिला राठौड़

शौक किसी भी व्यक्ति में उसकी अन्य आदतों में से एक विशेष रुचि को प्रदर्शित करता है जो उसकी सारी आदतों से अलग होता है। शौक बहुत अच्छी वस्तु है, जो हर किसी में होता है। किसी भी वस्तु का शौक होना एक अच्छी आदत है जो सभी में होनी बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह उस व्यक्ति को उसकी पसंद की चीजों को करने के लिए प्रेरित करता है। यह व्यक्ति को खुले दिमाग से किसी कार्य में व्यस्त करता है। यह हमें कभी भी अकेला नहीं छोड़ता और हमारा मानसिक बीमारियों से बचाव करता है।

शौक हमारे प्रतिदिन के जीवन का वो हिस्सा होता है। यह हमारी प्रतिदिन के दबाव से बचने में मदद करता है। यह हमें बहुत अधिक आनंद और शारीरिक, मानसिक व आत्मिक शान्ति प्रदान करता है। यह एक योग और ध्यान की तरह है, कभी-कभी तो इससे भी अधिक लाभ प्रदान करता है। यह हमारे मस्तिष्क को क्रियात्मकता की ओर ले जाता है और जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। अच्छी आदतें नाटकीय रुप से हमारे व्यक्तित्व और चारित्रिक विशेषताओं में सुधार करने के साथ ही हमारे प्रदर्शन को बेहतर करती हैं। यह हमारी योग्यता और क्षमता को खोजने में मदद करता है और उन्हें सही दिशा में प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हमारे शौक हमें जीवन की दैनिक भीड़ से अलग रखकर, हमारे दिमाग को ताजा और शान्त बनाते हैं।

मेरा प्रिय शौक : बागवानी करना।
मेरा पसंदीदा शौक बागवानी करना है और मुझे नए पौधों को लगाना और उन्हें हर सुबह पानी देना बहुत अच्छा लगता है। खिलते हुए फूलों और बढ़ते हुए पौधों को देखकर मुझे आत्मिक शांति महसूस होती है और जीवन की वास्तविकता का अहसास होता है। यह मुझे तंदुरुस्त, मजबूत, स्वस्थ और तरोताजा रखने में मदद करता है। प्रतिदिन पेड़ों को पानी देना और बागवानी करना, मेरे लिए सबसे अच्छा व्यायाम है, जो मेरे मस्तिष्क और शरीर को सकारात्मक की ओर मोड़ता है।

इस कोरोना काल में व्यक्ति अपने आप को बंधन में महसूस करने लगा। मैंने इस बार निश्चित किया कि जब हम बागवानी कर सकते है तो खेती क्यों नहीं? इस विचार ने मुझे इसके लिए प्रेरित किस और एक छोटी सी कोशिश की। जब फसल को लहलहाते, पक्षियों की चहचहाहट और बादलों की आवाजाही के बीच खेत में काम करना एक अद्भुत सुकून देता है। इससे हम शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ महसूस करते है। साथ ही एक नया कौशल भी सीख पाई। 

अतः हमें अपने शौक को जिंदा रखना चाहिए । इससे जीवन में नवीनता और सरसता बनी रहेगी।

उर्मिला राठौड़
The Fabindia School
urd@fabindiaschools.in

Sunday, April 19, 2020

नैतिक मूल्य - सुरेश सिंह नेगी


व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्यों का बड़ा महत्त्व होता है।  इसका आंरभ मनुष्य के बाल्यकाल से ही हो जाता है।  जिस प्रकार एक सफ़ल व्यवसाय की प्राप्ति के लिए की जाने वाली मेहनत व कोशिशें विद्यार्थी जीवन से ही शुरू हो जाती हैं ठीक उसी प्रकार अच्छे गुणों को धारण करने के प्रयत्न की शुरुआत भी विद्यार्थी जीवन से ही करनी ज़रूरी है क्योंकि  आदतें चाहे अच्छी हों या बुरी, एक या दो दिन में  प्राप्त नहीं  की जा सकती बल्कि ये तो सालों के प्रयास से आती हैंl सब पर दया करना, कभी झूठ नहीं बोलना, बड़ों का आदर करना, सच बोलना, सबको अपने समान समझते हुए उनसे प्रेम करना, सबकी मदद करना, किसी की बुराई न करना आदि कार्य नैतिक शिक्षा या नैतिक मूल्य कहलाते हैं।

बच्चों में नैतिक मूल्यों का निर्माण करने की जिम्मेदारी माता-पिता, परिवार, विद्यालय  एवं समाज की है। आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं, अतः शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को  भी जीवन में स्थान  देने की जरूरत है ।नैतिक मूल्यों को शिक्षा में इस तरह शामिल करना चाहिए  जिससे विभिन्न पाठ्यक्रमों में, कार्यशालाओं व गतिविधियों में, इन नैतिक मूल्यों का संदेश सहज, सरल व रोचक तौर-तरीकों से विद्यार्थियों तक पहुँच  सके । इसके लिए अच्छे साहित्य, चलचित्र, श्रव्य -दृश्य सामग्री आदि का सहारा लिया जा सकता है।

यदि जीवन में शिष्टाचार, सदाचार, अनुशासन, मर्यादा है तो परिवार और देश में शांति रहेगी। यदि किसी व्यक्ति ने कभी भी नैतिक मूल्यों को नहीं सीखा है, तो वह सही और गलत के बीच अंतर नहीं कर सकता है? यदि सभी माता-पिता अपने बच्चों को घर में नैतिक मूल्यों की शिक्षा दे, तो विद्यालयों  के लिए यह काम करना जरूरी नहीं होगा। दुख की बात यह है कि बहुत से बच्चे अपने माता-पिता से सही और गलत के बीच का अंतर नहीं सीख पाते  हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अपने काम में  व्यस्त होने के कारण  ज्यादातर माता और पिता अपने बच्चों के साथ केवल कुछ ही घंटे बिताते हैं। कई परिवारों में, बच्चों का पालन करने के लिए केवल एक माता-पिता और कोई अन्य प्रेरणास्रोत  नहीं है।

 नैतिक मूल्यों व अच्छी आदतों के चलते आप अपने आस-पास के लोगों के बीच प्रिय बन सकतें  हैं जिससे दूसरों के साथ आपके अच्छे सम्बन्ध  बनते हैं जो कि जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की पाने के लिए बहुत ज़रूरी हैंl

सुखद व सफ़ल जीवन व्यतीत करने के लिए दूसरों से अच्छे संबंध कायम करना बेहद ज़रूरी है, जिसके लिए हमारे भीतर नैतिक मूल्य कूट-कूट कर भरे होने चाहिएl अच्छी आदतें व अच्छा आचरण सफ़ल व्यक्ति की पहली पहचान होती हैंl

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School

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