Showing posts with label विद्यालय संस्कृत. Show all posts
Showing posts with label विद्यालय संस्कृत. Show all posts

Saturday, February 28, 2026

Selecting Teachers for Lasting Student Impact - Sunita Tripathi

चिंतनशील दृष्टिकोण: जब शिक्षक सवाल पूछते हैं तो एक बैकबेंचर के मन में क्या चलता है — शिक्षक-छात्र संबंध के संदर्भ में 
कक्षा में जब शिक्षक कोई प्रश्न पूछते हैं, तो यह केवल पढ़ाई की समझ ही नहीं दिखाता, बल्कि शिक्षक और छात्रों — खासकर पीछे बैठने वाले छात्रों — के बीच के संबंध को भी दर्शाता है। बैकबेंचर के दृष्टिकोण से, ऐसे क्षणों में सोच-विचार और भावनाएँ दोनों सक्रिय हो जाती हैं, जो पिछले अनुभवों, कक्षा के माहौल और शिक्षक की अपेक्षाओं से प्रभावित होती हैं। 

जब शिक्षक प्रश्न पूछते हैं, तो बैकबेंचर सबसे पहले अपने आप का आकलन करता है — क्या उसे विषय समझ में आया है और क्या वह ध्यान दे रहा था। लेकिन इसके साथ-साथ एक रिश्ते से जुड़ा पहलू भी होता है। छात्र सोच सकता है कि शिक्षक उसे सक्षम मानते हैं, अनदेखा करते हैं या कम ध्यान देते हैं। यदि शिक्षक पहले प्रोत्साहन और सम्मान दिखा चुके हैं, तो छात्र को जवाब देने में सुरक्षित महसूस होता है। लेकिन यदि अनुभव आलोचनात्मक या दूरी भरा रहा हो, तो झिझक या चिंता हो सकती है। यह क्षण भरोसे को भी दर्शाता है। एक सहायक शिक्षक-छात्र संबंध मनोवैज्ञानिक सुरक्षा देता है, जिससे बैकबेंचर प्रश्न को खतरे की बजाय अवसर के रूप में देखता है। छात्र यह भी सोचता है कि अगर वह गलती करेगा तो शिक्षक कैसे प्रतिक्रिया देंगे — क्या गलती को सीखने का हिस्सा माना जाएगा या नकारात्मक रूप से देखा जाएगा। यही सोच उसकी भागीदारी को प्रभावित करती है।

इसके अलावा, प्रश्न पूछना “अपनापन” महसूस कराने से भी जुड़ा है। बैकबेंचर देखते हैं कि शिक्षक कक्षा में ध्यान कैसे बाँटते हैं। जब शिक्षक जानबूझकर सभी जगह बैठे छात्रों को शामिल करते हैं, तो यह निष्पक्षता और देखभाल का संकेत देता है। इससे छात्र खुद को महत्वपूर्ण और पहचाना हुआ महसूस करता है।

सुनीता त्रिपाठी 
सनबीम ग्रामीण स्कूल।

Blog Archive