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Thursday, May 8, 2025

सपनों की उड़ान- सनबीम ग्रामीण स्कूल करसड़ा, वाराणसी

स्वप्न हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। स्वप्न हमारे जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाते हैं। कोई भी नया कार्य करने से पहले हमें उसके बारे में स्वप्न देखना चाहिए और यह भी विचार करना चाहिए कि हमारा कार्य कितना सफल होगा, उसमें क्या-क्या बाधाएँ आ सकती हैं, और हम उन्हें कैसे दूर कर सकते हैं।

हमें बच्चों को पहले कार्य देकर उसके बारे में स्वप्न देखने को कहना चाहिए और उनसे यह पूछना चाहिए कि इस कार्य में उन्हें क्या-क्या कठिनाइयाँ हो सकती हैं और वे उन्हें कैसे दूर कर सकते हैं। सपने देखने से हम अपने कार्यों को सही ढंग से कर सकते हैं। बिना स्वप्न देखे कार्य प्रारंभ कर देना असफलता का कारण बन सकता है।
अशोक कुमार मौर्य

हर व्यक्ति के जीवन में एक सपना होना चाहिए। यह सपना ही उस व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य बनता है — कि उसे जीवन में क्या बनना है या क्या करना है। बिना सपनों के हमारा जीवन लक्ष्यहीन होता है, और लक्ष्यहीन व्यक्ति जीवन में कुछ बड़ा नहीं कर सकता।

केवल सपना देखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सपनों को साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम भी आवश्यक है। जब हम अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करते हैं, तभी वे सच बनते हैं और हम जीवन में एक सफल व्यक्ति बन पाते हैं।
मनोज कुमार

सपने देखो, यह एक ऐसा विषय है जो हमें अपने लक्ष्यों और आकांक्षाओं की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सपने देखना और उन्हें पूरा करने की कोशिश करना हमारे जीवन को अर्थ और उद्देश्य देता है। सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए हमें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हमें इन चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए। बल्कि, हमें उनका सामना करना चाहिए और उन्हें पार करने के लिए काम करना चाहिए। जैसा कि कहा जाता है, "मंजिलें उन्हें मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है।" यह हमें बताता है कि जो लोग अपने सपनों के प्रति जुनूनी होते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा, "पंखों से काम नहीं चलता, हौसलों से उड़ान होती है।" यह हमें बताता है कि हमारे पास जो कुछ भी है, उसके साथ हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। हमारे हौसले और आत्मविश्वास हमें अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद करते हैं। 
गुलाबी

मेरा यह मानना है कि यह साकार दृढ़ संकल्प अधिकतर ऐसा संयोग झूठी स्मृति या अचेतन मन द्वारा ज्ञात जानकारी को एक साथ जोड़ने के कारण होता है। सपने लोगों को उनकी भावनाओं, विश्वासों और मूल्यों के बारे में अधिक जानने में मदद करते हैं । सपनों में दिखाई देने वाली छवियों और प्रतीकों के अर्थ और संबंध प्रत्येक व्यक्ति के लिए विशिष्ट होते हैं। सपने देखने से आपको सीखने और दीर्घकालिक सृतियों को विकसित करने में मदद मिलती है ।
सुनीता त्रिपाठी

सपने देखना  हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ।  कोई भी नया कार्य करने से पहले हमें उसके बारे में सपना देखना चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि हमारा कार्य कितना सफल होगा और हमारे कार्य में क्या-क्या बाधाएं हो सकती हैं और उसको हम कैसे दूर कर सकते हैं। सपने देखने से हमें प्रेरणा और उत्साह मिल सकता है और हम अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। ।सपने देखने से हम अपने कार्यों को सही तरह से कर सकते हैं, बिना स्वप्न देखे कार्य को प्रारंभ कर देना असफलता का कारण बनता है।इसलिए, सपने देखना हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए और चुनौतियों का सामना करने से नहीं डरना चाहिए
रवि प्रकाश 

Monday, February 15, 2021

समय का महत्व - जफ्फर खां

Courtesy: hindikiduniya.com
समय का हमारे जीवन में अति महत्वपूर्ण स्थान है । समय सभी वस्तुओं से यहां तक कि धन से भी अधिक शक्तिशाली और अमूल्य वस्तु है यदि एक बार ये हमारे हाथ से निकल गया तो फिर यह वापस लौटकर नहीं आता है । व्यक्ति बलवान नही होता बल्कि समय बलवान होता है। यह बात भी सत्य है कि जो व्यक्ति समय की अहमियत नहीं समझता, समय भी उस व्यक्ति की अहमियत को नहीं समझता। एक बार ये कीमती समय हमारे हाथ से चला गया तो यह हमेशा के लिए चला जाता है फिर कभी वापस लौटकर नहीं आता क्योंकि यह समय हमेशा आगे की ओर चलता है, पीछे की दिशा में नहीं। हमारे दैनिक कार्य जैसे स्कूल कार्य ,जागने का समय ,व्यायाम, भोजन करना आदि योजना अनुसार और समय अनुसार होना चाहिए हमें कठिन परिश्रम करने का आनंद लेना चाहिए कभी अपनी अच्छी आदतों को बाद में करने के लिए टालना नहीं चाहिए। 

हमें समय के महत्व को समझना चाहिए और इसका प्रयोग रचनात्मक ढंग से करना चाहिए । जो घड़ी हम हाथ में बांध कर चलते हैं वह हमसे कहती है कि मेरे साथ चलो, भले ही आगे चलो पर मेरे से पीछे हो कर नहीं चलना क्योंकि साथ चलने से सदा जीवन सुखी रहता है। मानव जीवन नदी की धारा के समान होता है। जिस तरह से नदी की धारा ऊँची - नीची भूमि को पार करती हुई लगातार आगे बढती है उसी प्रकार जीवन की धारा सुख-दुःख रूपी जीवन के अनेक संघर्षों को सहते-भोगते आगे बढती रहती है। जीवन का उद्देश्य लगातार आगे बढना होता है इसी में सुख है, आनंद है।  जिस किसी ने भी समय के महत्व को पहचाना है और उसका सदुपयोग किया है, वह उन्नति की सीढियों पर चढ़ता चला गया है। लेकिन जिसने इसका तिरस्कार किया है समय ने उसे बर्बाद कर दिया है। समय का सदुपयोग ही विकास और सफलता की कुंजी है।

जफ्फर खां 
The Fabindia School
zkn@fabindiaschools.in

Sunday, November 29, 2020

कहानियों की जीवन में भूमिका - सुरेश सिंह नेगी

कुछ लोगों के पास नई चीजों को सीखने और नए विचारों का पता लगाने का हुनर होता है। जबकि कुछ अन्य अपने आसपास के सफल व्यक्तियों को देखते हुए सीखने के लिए स्व -प्रेरित होते हैं। 
हालांकि, यह सभी लोगों के लिए संभव नहीं है और उनमें से कई को अत्यधिक परिश्रम करने के साथ -साथ अपने गुरूओं और माता-पिता से  प्रेरणा लेनी  पड़ती है। इनमें से बहुत लोग ऐंसे भी हैं जो कहानियों से सीखते हैं। क्योंकि कहानियां संस्कृति को संरक्षित करती हैं और सांस्कृतिक ज्ञान को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाती हैं। संक्षेप में, कहानियां संस्कृतियों को जीवित रखती हैं।

कहानियों के माध्यम से, हम जुनून, भय, उदासी, कठिनाइयों और खुशियों को साझा करते हैं। कहानियां पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती हैं। कहानियों के माध्यम से हम समृद्ध भावनाओं और खुशी, दुःख, कठिनाइयों और असफलताओं की भावनाओं का अनुभव करते हैं। हम व्यवहार और परिणामों के बारे में सीखते हैं।कहानियां हमें आपसी मतभेदों के बावजूद दूसरों के साथ जुड़ना सीखाती हैं क्योंकि हम समझते हैं कि वे कौन हैं और हम इस दुनिया में कहां खड़े हैं।

कुछ कहानियां रोचक होती हैं तो कुछ मनोरंजक और  सीख  देने वाली होती हैं। सभी कहानियां हमेशा से ही लोगों  की पसंद रही हैं। सदियों से, कहानियों को ज्ञान के रूप में  इस्तेमाल किया जाता रहा  है। कहानियां सीखने को प्रभावी बनाती हैं, और इसीलिए बच्चे कहानी के साथ बहुत अच्छे से जुड़ते हैं। यही एक कारण है कि शिक्षक-गण  इसे बच्चों को कई क्षेत्रों में प्रेरित करने के लिए एक उपकरण के रूप में अपने आस-पास और कक्षा में उपयोग करते हैं।जो छात्रों को कड़ी मेहनत करने और सफल जीवन के लिए अपनी नींव रखने में मदद करती हैं।

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School
sni@fabindiaschools.in

Tuesday, November 24, 2020

समय का सदुपयोग - उस्मान गनी

Courtesy: Quora.com
समय चक्र की गति बड़ी अदभुद है। समय का चक्र निरंतर गतिशील रहता है रुकना इसका धर्म नहीं है। विश्व में समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान धन माना गया है। यदि मनुष्य की अन्य धन सम्पति नष्ट हो जाए तो संभव है वह परिश्रम, प्रयत्न एवं संघर्ष से पुनः प्राप्त कर सकता है किन्तु बीता हुआ समय वापस नहीं आता। इसी कारण समय को सर्वाधिक मूल्यवान धन मानकर उसका सदुपयोग करने की बात कही जाती है।

समय के सदुपयोग में ही जीवन की सफलता का रहस्य निहित है जो व्यक्ति समय का चक्र पहचान कर उचित ढंग से कार्य करें तो उसकी उन्नति में चार चाँद लग सकता हैं। कहते हैं हर आदमी के जीवन में एक क्षण या समय अवश्यक आया करता है कि व्यक्ति उसे पहचान – परख कर उस समय कार्य आरम्भ करें तो कोई कारण नहीं कि उसे सफलता न मिल पाए। समय का सदुपयोग करने का अधिकार सभी को समान रूप से मिला है। किसी का इस पर एकाधिकार नहीं है। संसार में जितने महापुरुष हुए हैं वे सभी समय के सदुपयोग करने के कारण ही उस मुकाम पर पहुंच सके है। काम को समय पर संपन्न करना ही सफलता का रहस्य है।

एक – एक सांस लेने का अर्थ है समय की एक अंश कम हो जाना जीवन का कुछ छोटा होना और मृत्यु की और एक – एक कदम बढ़ाते जाना। पता नहीं कब समय समाप्त हो जाये और मृत्यु आकर साँसों का अमूल्य खजाना समेत ले जाये। इसलिए महापुरुषों ने इस तथ्य को अच्छी तरह समझकर एक सांस या एक पल को न गवाने की बात कही है। संत कबीर का यह दोहा समय के सदुपयोग का महत्व प्रतिपादित करने वाला है।

"काल्ह करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल मैं परले होयेगी, बहुरि करोगे कब"I

उस्मान गनी
The Fabindia School
ugi@fabindiaschools.in

Monday, October 12, 2020

कठिन परिश्रम कभी असफल नहीं होता - Ayasha Tak

अगर कोई व्यक्ति कठिन परिश्रम कर सकता है , तो वह सफल जरूर होगा। वह किसी भी तरह से विफल नहीं हो सकता है। हम जानते हैं कि कठिन काम आसान नहीं है , यह सभी तरह के लोगों के लिए बहुत मुश्किल है। हर पेशे को कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। इसके बिना कुछ भी सुधार नहीं हो सकता। इसका मतलब है कि कड़ी मेहनत व्यक्ति को कभी असफल नहीं होने देती। अब मैं एक युवा व्यक्ति की कहानी बता रही हूँ। जिन्होंने कड़ी मेहनत से सफलता प्राप्त की।

उन्होनें अपनी मेहनत की शुरुआत अपने स्कूली जीवन से की। लड़के ने कड़ी मेहनत से हाई - स्कूल में अच्छा परिणाम प्राप्त किया। उन्होंने अध्ययन में बहुत अधिक समय बिताया। कई तरह के काम उन्हें बिना अध्ययन के पूरे करने पड़ते थे। वह अपने परिवार के साथ नहीं रहता था। क्योंकि उनका स्कूल उनके गाँव से बहुत दूर था। इसलिए वह स्कूल के छात्रावास में रहता था। वहाँ पर उसे अपना हर काम स्वयं करना पड़ता था। इसलिए वह ठीक से सो भी नहीं पाता था। इसके बावजूद उसने अपनी कड़ी मेहनत से अच्छे अंक प्राप्त किए। अन्यथा यदि आप कड़ी मेहनत करते है ,तो आपकी प्रतिभा में वृद्धि होगी।

स्कूल की पढाई पूरी होने के बाद में उसे कॉलेज में दाखिला लेना था। परन्तु उसका परिवार गरीब होने के कारण उसकी कॉलेज की फीस भरने में असमर्थ था। उसने अपने लिए नौकरी प्राप्त करके फिर अपनी पढाई और नौकरी दोनों ही कामों में कड़ी मेहनत की। आखिरकार, वह अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने सफलता प्राप्त करने में सक्षम हुआ। अब वह एक बहुत बड़े व्यवसायी है। उन्होनें अपनी मेहनत से सब कुछ हासिल किया। अगर वह मेहनत नहीं कर पाता तो उन सफलताओं को कभी हासिल नहीं कर पाता

Ayasha Tak, The Fabindia School <atk@fabindiaschools.in>

Monday, May 4, 2020

ख़ुशी और सहनशीलता: कुसुम डांगी


हमारे  जीवन  में  हमारे  पास  जो  भी  हैं।  उसको  लेकर  हमारे  अन्दर  सकारात्मक  सोच  आती हैं या  हम  अपने  जीवन  से  संतुष्ट हैं वो  ही  खुशी  हैं।  इंसान  लम्बे  समय  तक  अपने  लक्ष्य को  प्राप्त  करने  के  लिए  काम  करता  हैं और  यदि  वो  उस  कार्य  में  सफल  हो  जाता  हैं तब हमारे  अन्दर  खुशी  उत्पन्न हो  जाती  हैं। खुशी  को  सकारात्मक  सोच  से  जीवन  में  लाया  जा सकता  है।
प्रतिकूल  पर्यावरणीय  परिस्थितियों  को  सहन  करने  के  लिए  शक्ति  या  क्षमता  ही  सहनशीलता हैं।

अपने  अन्दर  से  नकारात्मक  सोच  को  निकाल  कर  सकारात्मक  सोच  उत्पन्न  करके  तथा  किसी  भी  कार्य  को धैर्य  से  करके  अपने  जीवन  में  बदलाव लाया  जा  सकता  हैं। इसके   लिए  जरुरी  है  कि  हम  अपनी  जिम्मेदारियों  को  समझे तथा  सही  और  गलत में  अन्तर   समझे  तथा  बालकों  को  भी  ऐसे  काम  दिए  जाए  जिससे  उनके  अन्दर  जिम्मेदारी , धैर्य,  लाया  जा सकता  है।  इसके  लिए  जरूरी  है  कि  उनके  ऊपर  विश्वास  किया जाए  अगर  कोई  बालक  असफल  हो  जाता  हैं  तो  उसे समझाना चाहिए कि बार - बार  परिश्रम  करके  सफल  हो  सकते हैं  और   किसी  भी  कार्य  को  करने  में जल्दबाजी  ना  करे  तथा  धैर्यपूर्वक  करके  सफल  हो  सकते  हो  शिक्षा  में इसका  बहुत  महत्व हैं।
Kusum Dangi
The Fabindia School, Bali

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