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Quality and Love - Asha Bhandari

Quality गुणवत्ता
अगर कोई बच्चा कक्षा व गहृ कार्य ठीक से नहीं कर पा रहा है, तो हमें बच्चे के पास बैठ कर  उसकी समस्या सुननी चाहिए। बच्चे के घर में कोई समस्या तो नहीं चल रही है। जिस कारण बच्चा अपने काम के प्रति जागरूक नहीं हो पा रहा है। जब बच्चा कक्षा में उपस्थि त होकर भी कार्य में ध्यान नहीं लगा पाता है तो नि श्चय ही उसके दिमाग में कुछ चल रहा होता है। यह उसके घर के माहौल या साथि यों का भी असर हो सकता है।

हमें बच्चे के साथ प्यार का रिश्ता बना कर उसके मन और दिमाग में चल रही समस्या का समाधान ढूंढ कर बच्चे की सहायता करने की कोशि श करनी चाहि ए। अगर बच्चा कक्षा में गुमसुम बठै है और आपकी बात का कोई जवाब नहीं दे रहा है तो हमें अकेले में बच्चे से बात करनी चाहिए। जब वह बच्चा कार्य में थोड़ी भी रुचि दिखाता है तो हमें सबके सामने उसे प्रोत्साहित करना चाहिए।


Love प्यार
कक्षा में जब बच्चे का दाखिला करते हैं, तो वह अपने घर की सारी बातें अपने दोस्तों तथा अपने अध्यापक को बताता है। इसी प्रकार वह स्कूल की सारी बातें घर जाकर अपने माता - पिता को बताता है। कक्षा में वह अपने मन पसंद अध्यापक या साथियों के साथ बैठना पसदं करता है। धीरे धीरे उसकी यह पसंद एक लगाव का रूप ले लेती है। अगर उसका पसंदीदा अध्यापक या दोस्त किसी वजह से कक्षा में उपस्थित नहीं होता है तो उसका मन कक्षा में नहीं लगता है। इसके लिए अध्यापक को चाहिए कि वह समय-समय पर बच्चों को अलग-अलग दोस्तों के साथ बिठाए। सभी बच्चों के अदंर कोई ना कोई खूबी अवश्य होती है। कोई बच्चा देखने में सुंदर होता है तो कोई पढ़ाई में बहुत होशि यार होता है।


- Asha Bhandari @JMMS, John Martyn Memorial School, Salangaon, Dehradun

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