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Monday, October 5, 2026

Choose the Good - लवकुश सिंह यादव

तारा वेस्टओवर के जीवन का वह सबसे कठिन और क्रांतिकारी मोड़ है, जहाँ उन्हें अपनी पहचान और अपने परिवार में से किसी एक को चुनना था। एक तरफ उनका वह परिवार था जिससे वह बेहद प्यार करती थीं, लेकिन जो बदले में उनसे अपनी बुद्धि, मानसिक शांति और सच्चाई की आहुति मांग रहा था। दूसरी तरफ शिक्षा, स्वतंत्रता और एक ऐसा बेहतर जीवन था, जिसकी राह अकेलेपन और अपनों के बिछोह से होकर गुजरती थी।तारा के लिए इस 'अच्छे' को चुनने का फैसला कोई आसान सौदा नहीं था। इसका मतलब था उस कबाड़खाने और उन कट्टर मान्यताओं को पीछे छोड़ना, जिन्होंने बचपन से उनकी दुनिया को घेरा हुआ था। जब उन्होंने अपने भाई के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और अपने माता-पिता के अंधविश्वासों को मानने से इनकार कर दिया, तो उन्हें पूरे परिवार द्वारा झूठा और मानसिक रूप से बीमार घोषित कर दिया गया। 

ऐसे चौराहे पर खड़े होकर, समाज अक्सर परिवार के प्रति अंध-वफादारी को 'अच्छा' मानता है, भले ही वह व्यक्ति को अंदर से खोखला कर दे। लेकिन तारा ने सच्ची शिक्षा के सार को समझा। उन्होंने जाना कि असली अच्छाई खुद के प्रति वफादार रहने और अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करने में है।इस चुनाव की कीमत बहुत भारी थी—उन्हें अपने माता-पिता और कई भाई-बहनों से हमेशा के लिए नाता तोड़ना पड़ा। लेकिन इस गहरे दर्द के बदले उन्हें जो मिला, वह था उनका अपना अस्तित्व। यह रिफ्लेक्शन हमें सिखाता है कि हम यह तय नहीं कर सकते कि हम कहाँ पैदा हुए हैं, लेकिन हम यह जरूर चुन सकते हैं कि हम किस ढर्रे पर जिएंगे। "Choose the Good" का यही संदेश है: चाहे अतीत कितना भी अंधकारमय क्यों न हो, सही रास्ते पर चलने का साहस हमेशा हमारे भीतर ही होता है।का यही संदेश है: चाहे अतीत कितना भी अंधकारमय क्यों न हो, सही रास्ते पर चलने का साहस हमेशा हमारे भीतर ही होता है।

लवकुश सिंह यादव , सनबीम ग्रामीण स्कूल

Saturday, September 12, 2026

शिक्षा, परिस्थितियाँ और सही चुनाव - Manjula Sagar


Educated by Dr Tara Westover, narrated by Brinda Ghosh, every Saturday at 3:30 PM

Reflection Chapter 1 – Choose the Good

को पढ़ते समय मुझे सबसे पहले Tara Westover का बचपन बहुत अलग और असामान्य लगा। वह Idaho के पहाड़ी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थीं, जहाँ उनका परिवार बाहरी समाज से काफी अलग जीवन जीता था। उनके पिता का सरकार और बाहरी संस्थाओं पर विश्वास नहीं था। इसलिए Tara और उनके भाई-बहनों का स्कूल जाना और अस्पताल जैसी सामान्य सुविधाओं का उपयोग करना उनके जीवन का हिस्सा नहीं था।

इस अध्याय की घटनाओं को पढ़कर मुझे सबसे ज्यादा आश्चर्य इस बात पर हुआ कि Tara के लिए ऐसी जिंदगी सामान्य थी। जिस तरह हम स्कूल जाने, डॉक्टर के पास जाने और सुरक्षित वातावरण में रहने को अपने जीवन का सामान्य हिस्सा मानते हैं, Tara के बचपन में ये चीजें बहुत अलग थीं। इससे मुझे महसूस हुआ कि हम जिस वातावरण में बड़े होते हैं, उसे ही अक्सर अपनी पूरी दुनिया समझने लगते हैं। Tara और उनके भाई-बहनों का कम उम्र में ही परिवार के कामों में शामिल होना भी मुझे बहुत प्रभावित करता है। पहाड़ों पर काम करना और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बँटाना उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा था। इसे पढ़ते हुए मुझे लगा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा और अपने आसपास की दुनिया को जानने का अवसर कितना महत्वपूर्ण है।

स्कूल जाना, किताबें पढ़ना और अलग-अलग लोगों से विचार साझा करना मेरे लिए सामान्य बातें हैं, लेकिन Tara की कहानी ने मुझे समझाया कि ये अवसर हर बच्चे को समान रूप से नहीं मिलते।

मेरे लिए इस अध्याय की सबसे महत्वपूर्ण सीख यह है कि हमारी परिस्थितियाँ हमारी सोच को प्रभावित करती हैं, लेकिन नई चीजें सीखने और अलग दृष्टिकोण समझने से हमारी सोच का विस्तार हो सकता है। Tara की कहानी ने मुझे दूसरों को उनके अनुभवों के आधार पर समझने और बिना तुरंत निर्णय लिए उनकी परिस्थितियों को देखने की सीख दी। किसी व्यक्ति की सोच उसके वातावरण से बनती है, लेकिन सीखने और नई चीजों को समझने का अवसर मिलने पर वह अपनी सोच को बदल भी सकता है।

Manjula Sagar



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