बदलाव - सुरेश सिंह नेगी

इस संसार की प्रत्येक चीज में बदलाव होता है और यही प्रकृति का नियम है। प्रकृति  में जो भी बदलाव होते हैं या हो रहें हैं वे कभी भी अचानक से नहीं होते हैं लेकिन हमें लगता है कि ये बदलाव अचानक से हुए हैं। ठीक इसी प्रकार से हमारे विचार भी बदलते रहते हैं। बदलाव को रोकने के लिए हम  चाहे कितने भी  प्रयास क्यों न कर लें  यदि  बदलाव  होना है तो हम उसे होने से नहीं रोक सकते। जिंदगी में होने वाले बदलावों को भी हम नहीं रोक सकते। शुरूवात में हम बदलाव को जल्दी से स्वीकार नहीं करते हैं लेकिन धीरे-धीरे  इसे  स्वीकारने लगते हैं। 

बदलाव हमारे लिए अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। अगर हम अच्छे बदलाव को अपना सकते हैं तो बुरे को क्यों नहीं।  बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण आज हमारे सामने है जिस प्रकार से संसार का  प्रत्येक मनुष्य कोविड  -१९  के कारण आयी परिस्थितियों से लड़ रहा है वह  अपने आप में एक  सराहनीय कदम है।  
भगवत गीता का यह सार, निश्चित ही हमें प्रेरित करेगा।

“जो कुछ भी हुआ अच्छे के लिये हुआ।
जो कुछ भी हो रहा है अच्छे के लिये हो रहा है और,
जो कुछ भी होगा अच्छा ही होगा।”

इसीलिए खुद पर भरोसा रखे और विश्वास करे क्योंकि "जिन चीजों को हम बदल नहीं सकते भगवान् ने हमें  उन चीजों को अपनाने की शक्ति दी है, जिन चीजों  को हम  बदल सकते हैं  उन्हें बदलने की हिम्मत दी है और  साथ ही साथ दोनों के बीच के अंतर को जानने की आज़ादी दी है।"

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School
sni@fabindiaschools.in

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