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Thursday, March 18, 2021

शिक्षा का महत्व - जफ्फर खां

Courtesy: surejob.in
शिक्षा ही एकमात्र मूल्यवान संपत्ति है जो मनुष्य प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा शिक्षा एकमात्र आधार है जिस पर मानव जाति का भविष्य निर्भर करता है। संक्षेप में शिक्षा का अर्थ ज्ञान प्राप्त करना है। एक अच्छी शिक्षा अपने बच्चे के लिए हर माता-पिता का एक सपना है क्योंकि शिक्षा एक अच्छे जीवन का नेतृत्व करने के लिए एक प्रलाप है। चाहे कोई भी राष्ट्र, धर्म, जातीयता या संस्कृति किसी भी व्यक्ति के पास है । शिक्षा दोनों वित्तीय के लिए महत्वपूर्ण है साथ ही व्यक्तिगत समृद्धि। शिक्षा आपको मानव जाति द्वारा बनाई गई किसी भी अदृश्य बाधाओं या पूर्वाग्रहों से परे दुनिया को देखने और समझने में मदद करती है। शिक्षा एक राष्ट्र में प्रत्येक नागरिक का एक मौलिक अधिकार है शिक्षित नागरिक के पास न केवल बेहतर जीवन और अवसर होंगे, बल्कि वह निश्चित रूप से राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।हमारा पहला शिक्षक हमारे माता-पिता हैं वे हमें सिखाते हैं कि कैसे हमारी मातृभाषा बोलें और हमारे चारों ओर की चीजों की पहचान करें। शिक्षा हमें नियमों और विनियमों को जानने में मदद करती है और हमारे देश के जिम्मेदार नागरिक बनाती है। हर कोई जानता है कि शिक्षा हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 
         
शिक्षा के साथ हम बहुत सी चीज़ें कर सकते हैं आजकल हर चीज के लिए शिक्षा मूलभूत आवश्यकता है जिसे हम करना चाहते हैं अगर हमें काम करने की ज़रूरत है, तो हमारे नियोक्ता हमारी शिक्षा के बारे में पूछेंगे। जब शादी हो रही है, दुल्हन या दुल्हन के परिवार से हमारी शैक्षिक योग्यता भी पूछेगा। जीवन में सफल होने और पैसे कमाने के लिए हमें शिक्षा की आवश्यकता है शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हमें समृद्ध बनने में मदद मिलती है। यह हमें सिखाता है कि हमारे कौशल को पहचानने और उपयोग कैसे किया जाए और उन्हें नौकरी या व्यापार के लिए उपयोग करना चाहिए। ये कौशल समाज, हमारे देश और पूरे विश्व के सुधार के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। शिक्षा एक ऐसा सूरज है जो अपना प्रकाश मनुष्य पर डालता है। और इस से प्रवर्तित किरणें न केवल परिवार, समाज, देश बल्कि सारी दुनियाँ को चमकती है। शिक्षा मनुष्य के अंदर एक ऐसा इत्र है जो अपनी खुशबु से समाज को सुगन्धित करती रहती है।  शिक्षा हमें जीवन जीने की उच्चतम शैली सिखलाती है। यह मनुष्य में अच्छे चरित्र का निर्माण करती है।

जफ्फर खां 
The Fabindia School
zkn@fabindiaschools.in

Tuesday, October 29, 2019

कृष्ण गोपाल: पठन की महत्ता


पढ़ना हमारी शिक्षा का एक आवश्यक हिस्सा है।  इसके द्वारा हम दूसरों के विचारों को समझ सकते है।  पठन से हम अतीत, वर्तमान या भविष्य की बातों से अद्यतन रहते है।  पठन से हमारा व्यक्तित्व भी निखरता है।  यदि हम पठन करते है तो दूसरों के सामने अपने विचार व्यक्त करने या दूसरों के सामने अपनी बात रखने में मदद करता है। पठन से भाषा में प्रवाह बनता है और हमारे आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाता है। 

पठन किसी भी भाषा में कर सकते है जिसमें हम सहज है।  यह आदत हमारे से ही होनी चाहिए।  इसकी शुरुआत के लिए अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को अपनी मातृभाषा में कुछ छोटी कहानियाँ पढ़ाएँ। जो बच्चे को रुचिकर लगे।  बचपन में पढ़ी ये कहानियाँ बच्चे को जीवन भर याद रहेगी और साथ ही साथ बच्चे में पठन की रूचि विकसित हो जाएगी।  पठन बालक का शौक बन जाएगा। पढ़ना हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। पुस्तक पढ़ने से एकाग्रता बढ़ती है तथा याददाश्त क्षमता में सुधार लाती है।  प्रेरणादायक पुस्तकें सोचने के तरीके बदल देती है और उन्हें अच्छे जीवन की आशा देती है। 

पढ़ना स्वस्थ मस्तिष्क के लिए परमावश्यक है।  नवीनतम जानकारी के अतिरिक्त हम भाषिक सौंदर्य से भी सराबोर हो जाएँगे।  अलग-अलग लेखकों के लेख पढ़ने से उनके विचारों से साक्षात्कार होगा।  एक ही विषय पर अनेक विचार मिल सकते है। पुस्तक को कहीं भी ले जाना भी बड़ा आसान है। कहीं भी पुस्तक पढ़कर समय का सदुपयोग कर सकते है। 
Krishan Gopal 
The Fabindia School, kde4fab@gmail.com

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