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Thursday, May 29, 2025

संवेदनशीलता: इंसानियत की पहचान - Swati

 
Sensitivity means understanding someone's emotions and feeling them.
When a person deeply feels someone else's happiness or sorrow, that person is called sensitive. Sensitivity is a very important and beautiful human emotion.

अगर किसी को दुःख होता है और हम उस व्यक्ति की मदद करें, उसके दुःख को समझें — तो यही संवेदना कहलाती है। इससे हमारे रिश्ते मजबूत होते हैं और समाज में प्यार बना रहता है। अगर हम में से किसी में भी संवेदना ना हो, तो हम सब और पूरी दुनिया स्वार्थी और कठोर बन सकती है।

हम अपने घर के आसपास, बाहर या स्कूल में ऐसे कई लोगों से मिलते हैं जिन्हें मदद की ज़रूरत होती है। अगर हम उनकी मदद करते हैं और सहानुभूति दिखाते हैं, तो यह हमारे अच्छे इंसान होने की निशानी है। जैसे किसी भूखे इंसान को खाना खिलाना, या ज़रूरत पड़ने पर किसी की मदद करना — ये सब संवेदनशीलता के उदाहरण हैं।

आजकल हर इंसान अपने कामों में व्यस्त रहता है। किसी के पास इतना समय नहीं है कि वे दूसरों के दुःख को समझें और उनकी मदद करें। पर अगर हम थोड़ा सा वक्त निकालकर दूसरों की भावनाओं को समझें और सहायता करें, तो समाज में प्यार और समझ बढ़ेगी, और झगड़े कम होंगे।

"From this lesson, I learn that sensitivity is a very good quality. It makes both society and humans better. Therefore, we should adopt sensitivity and always help others."

— स्वाति

संवेदना: इंसान की सबसे बड़ी शक्ति - Sakshi Khanna

Samvendna means sensitivity or feelings.
यह इंसान की वह भावना है जिससे वह दूसरों के सुख-दुःख को महसूस कर सकता है।
Sensitivity is what makes us human – it connects us emotionally to others and helps build a compassionate society.

जब हम किसी की तकलीफ़ को समझते हैं और उसकी मदद करना चाहते हैं, वहीं संवेदना कहलाती है।

अगर कोई बच्चा गिर जाता है, या कोई जानवर बीमार हो जाए या उसे चोट लग जाए, तो हमें उस जानवर की मदद करनी चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। ऐसा करने से इंसान महान और संवेदनशील कहलाता है।

समाज में अगर हम सभी एक-दूसरे के लिए संवेदनशील हो जाएँ और सब एक-दूसरे की मदद करें, तो इससे एकता बनी रहेगी और बहुत-सी समस्याएँ अपने आप खत्म हो जाएँगी।

Savendna is not weakness, it is strength. यह इंसान को महान बनाती है। हमें अपने कार्यों से समय निकालकर दूसरों की भावनाओं को समझना चाहिए और जहाँ किसी को हमारी ज़रूरत हो, वहाँ मदद के लिए आगे आना चाहिए। इसी तरह हम एक अच्छे नागरिक और अच्छे इंसान बनते हैं।

"When someone is in trouble, one should not give him big sermons, but rather give him small help. Such help is better than big sermons."

— साक्षी खन्ना

संवेदना: इंसानियत की सच्ची पहचान - Sakshi Pal

 

"A smile, a helping hand – that's the sign of compassion."

संवेदना पाठ हमें यह सिखाता है कि दूसरों के दुःख (pain) और तकलीफ़ (suffering) को समझना और उसमें सहभागी होना (to participate in their emotions) ही एक सच्चे इंसान की पहचान है।

इस पाठ में लेखक ने दिखाया है कि एक छोटी-सी मदद (small help) या सहानुभूति (sympathy) किसी के जीवन में बड़ा बदलाव (big change) ला सकती है।

मुझे महसूस हुआ कि संवेदनशील बनना सिर्फ़ भावुक (emotional) होना नहीं है, बल्कि यह हमारी responsibility भी है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम ज़रूरतमंदों की मदद करें या कम से कम उनके साथ खड़े हों (stand with them)।

इस पाठ ने मुझे सिखाया कि हमें अपने आस-पास के लोगों की feelings को समझना चाहिए और उनके साथ empathy दिखानी चाहिए। एक छोटी-सी संवेदना भी किसी के जीवन में hope और comfort ला सकती है। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी (fast life) में लोग अक्सर दूसरों की emotions पर ध्यान नहीं देते।

लेकिन यह पाठ हमें याद दिलाता है कि हम सभी को एक-दूसरे के साथ होना चाहिए। अगर हम सभी संवेदनशील बनें, तो हम ऐसा environment बना सकते हैं जहाँ हर कोई safe, understood और accepted महसूस कर सके।

इस पाठ ने मुझे एक better human बनने की प्रेरणा दी है।

"True compassion is understanding the pain of others."
Sakshi Pal


Tuesday, June 29, 2021

एकता और देखभाल - रेनू खंडूरी

एकता और देखभाल एकता में शक्ति होती है, ये हम बचपन से आज तक सुनते आयें हैं ।अच्छी सोच की एकजुटता से किया गया कार्य हमेशा सफल होता है और गलत सोच की एकता आपको नुकसान पहुंँचा सकती है ।जब हम किसी कार्य को अकेले करते हैं तो वह कार्य उतना अच्छा नहीं होता जितना हम उसे किसी के साथ मिलकर करते हैं । हमारे हाथ की पाँचों उँगलियाँ अलग-अलग हैं और अलग -अलग वह इतनी शक्तिशाली नहीं हैं परन्तु जब पाँचों उँगलियाँ मिलकर मुठ्ठी बनाती हैं तो यह बहुत शक्तिशाली हो जाती है, फिर ये किसी भी कार्य को कर लेती हैं। एकता के साथ देखभाल का गुण स्वयं ही आता है।हम एक दूसरे की मदद करते हैं ,एक दूसरे की चिन्ता करते हैं अपने हाथ को ही देख लो ,अगर किसी एक ऊँगली को चोट लगती है तो बाकी चार उँगलियाँ उसका ध्यान रखती हैं उसके कार्य को आपस में मिल कर पूरा कर देती हैं । हमें भी मिलजुल कर रहना चाहिए और एक दूसरे की मदद करनी चाहिए । तभी एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है । एक दूसरे की मदद करने उसकी देखभाल करने में जो आत्म संतुष्टि मिलती है वो शायद ही किसी और चीज से मिले । 

ऋग्वेद के अनुसार : संगच्छध्वं संवदध्वं , सं वो मनांसि जानताम् । देवा भागं यथा पूर्वे ,सञ्जानाना उपासते ।। 

हम सब एक साथ चलें ,एक साथ बोलें हमारे मन्न एक हों, प्राचीन समय मे देवताओं का ऐसा आचरण रहा है इसी कारण वो वंदनीय हैं ।                                                                                                                                                 

रेनू खंडूरी
The Doon Girls' School, Dehradun


Monday, February 1, 2021

एकता में शक्ति है - सुरेश सिंह नेगी

एक जंगल में, एक भेड़िया रहता था, जो भूख से बेहद हो चुका था। एक दिन वह खाने की तलाश करते-करते एक गाँव में जा पहुँचा । अचानक उसे अपने आस- पास  किसी दूसरे जानवर के होने का महसूस हुआ  और वह सतर्क हो गया , इतने में गाँव में घूम रहे  कुत्तों की नजर उस पर पड़ी और उन्होने भौंकना शुरु कर दिया। कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर भेड़िया वहाँ से जंगल की ओर भागने लगा। 

भेड़िये को जंगल की ओर  भागते देख कुत्ते भी उसका पीछा करने लगे। भागते -भागते भेड़िया एक गुफा के अन्दर  चला गया। गुफा का मुँह छोटा होने के कारण कुत्ते उसके अन्दर न जा सके और गुफा के बाहर ही बैठ गए और भेड़िये के बाहर आने का इंतजार करने लगे।  भेड़िया बहुत थक गया था  और उसकी  साँसे  भी बहुत तेज चल रही  थी। थोड़ी देर तक आराम करने के बाद भेड़िये ने अपने शरीर के  हर एक अंग  से पूछना शुरु किया कि उन्होने किस तरह से उसकी जान, कुत्तों से बचाने  में मदद की। सबसे पहले नाक ने कहा कि मैंने कुत्तों की गंध सूंघने में आपकी मदद की, उसके बाद कानो  ने कहा कि  हमने कुत्तों  के भौंकने की आवाज सुनकर आपकी मदद की , पैरों  ने कहा कि हमने दौड़ने में आपकी मदद की, आँखों  ने कहा कि हमने दौड़ते समय आपको रास्ता दिखाने  में मदद की।

 अंत में पूँछ  कुछ बोलती इससे पहले ही भेड़िया बोल पड़ा कि अरे पूँछ  तुम तो मेरी कोई भी मदद नहीं करती, जब देखो मेरे ऊपर सवार रहती हो इसलिए आज मैं तुम्हे कुत्तों को खिला दूँगा, यह कहकर वह धीरे -धीरे गुफा से बाहर आने के लिए पीछे की ओर खिसकने लगा, इतने में पूँछ बोली मैंने शरीर का संतुलन बनाने आपकी मदद की। यह सुनकर भेड़िया समझ गया कि शरीर का हर  एक अंग कितना जरूरी है और बिना एक -दूसरे के ये कुछ भी नहीं।  सभी अंगों ने कहा- "हम मान गए कि सहयोग से ही सब काम चलते हैं । अतः एकता में ही शक्ति है ।”

सुरेश सिंह नेगी
The Fabindia School
sni@fabindiaschools.in


Wednesday, October 28, 2020

इंटरनेट आज की जरूरत - सुरेश सिंह नेगी

आधुनिक समय की सबसे उपयोगी तकनीक जो न केवल हमारे दैनिक जीवन में बल्कि पेशेवर जीवन में भी हमारी मदद करती है। शैक्षिक उद्देश्यों के लिए, इसका उपयोग व्यापक रूप से जानकारी इकट्ठा करने और विभिन्न विषयों के ज्ञान को जोड़ने या अनुसंधान करने के लिए किया जाता है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस आधुनिक युग में हर कोई अपने प्रश्नों, समस्याओं या संदेह के लिए गूगल  को पसंद कर  रहा है। क्योंकि यह  कुछ ही समय हमें  में सूचना  प्रदान कर देता  हैं। इसमें ज्ञान का अपार भंडार  है जिसे कभी भी खोजा जा सकता है। 

आज इंटरनेट शिक्षा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।जिस  प्रकार से सभी विद्यालय आभासी कक्षाओं का संचालन कर रहें हैं वो सब इंटरनेट की वजह से ही संभव हो पा रहा  है। शिक्षक गूगल कक्षा में  अपनी शिक्षण सामग्री भेज करके इसे एक शिक्षण उपकरण के रूप में उपयोग कर रहे हैं। शिक्षक छात्रों का ध्यान खींचने के लिए एनीमेशन, पावरपॉइंट स्लाइड, वीडियो , और थिंग लिंक का  उपयोग कर रहे हैं। आप  शिक्षा संबंधी सामग्री इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं।  यहां तक कि परिणाम, एडमिट कार्ड, विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन फॉर्म इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध हैं। अब तो सभी विषयों  किताबें भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 

यह छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में मदद करता है क्योंकि यह ज्ञान को सरल बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, आप इंटरनेट से किसी भी प्रकार की जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।

आज इंटरनेट लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रहा  है, जिसका उपयोग पूरी दुनिया में किया जा रहा  है। इसलिए, इसका उपयोग अच्छे उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। यदि यह बच्चों के विकास स्तर को पूरा करने वाले उपयुक्त तरीकों से उपयोग किया जाता है, तो वे इंटरनेट से बहुत सारी चीजें  सीख सकते हैं।

सुरेश सिंह नेगी, The Fabindia School <sni@fabindiaschools.in>


Monday, September 21, 2020

मदद करने के फायदे - उषा पंवार

दूसरों की मदद करने से जीवन सफल और बेहतर बनता है। जब हम लोग छोटे होते हैं तो सिखाया जाता है कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते हैं इस सीख को भूल जाते हैं। इस सीख को कभी अपने जीवन से दूर नहीं होने देना चाहिए। जब हम किसी की मदद करते हैं तो इससे सकारात्मकता महसूस करते हैं और एक अच्छा इंसान बनते हैं।

किसी की मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत होती है। जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो यह सिर्फ उस इंसान की मदद नहीं होती है बल्कि एक सीखने की प्रक्रिया होती हैं। हर दिन कुछ नया सीख सकते हैं। मदद करने से हमको आंतरिक खुशी मिलती हैं। मदद करने से दूसरों के लिए अच्छा उदाहरण बनते हैं जब हम दूसरों की मदद करना शुरू करते हैं तो इससे बाकी लोग प्रेरित होते हैं। दूसरों की मदद करने के साथ हम लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं। 

उषा पंवार 
The Fabindia School Bali 
upr@fabindiaschools.in

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