स्वतंत्रता एवं शांति: आयशा टॉक


स्वतंत्रता एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लोगों को बाहरी प्रतिबंधों के बिना बोलने, कार्य करने और अपने सुख को प्राप्त करने का अवसर मिलता है। स्वतंत्रता हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि उससे हमें अपने नए विचार, रचनात्मक कौशल उत्पादन और जीवन की उत्कृष्टता को बढ़ाने का अवसर मिलता है। स्वतंत्रता व्यक्ति को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाती है।

कोई भी व्यक्ति जो स्वतंत्र रूप से सोचेगा, तो उसकी सोच उत्कृष्ट होगी। वह कभी भी अपना एवं दूसरों का अहित नहीं करेगा। छात्रों को स्वतंत्र सीखने के लिए प्रोत्साहित करना, न केवल उनके लिए बहुत बड़ा लाभ है, बल्कि यह प्रगति को बेहतर बनाने के लिए उच्च प्रभाव कम लागत वाला तरीका भी है। 

इसी तरह विद्यार्थियों के लिए स्वतंत्रता बहुत आवश्यक हैं। क्योंकि यह रचनात्मकता और बौद्धिक जिज्ञासा का विकास करती है। स्वतंत्र शिक्षा निष्क्रिय होने के बजाय विद्यार्थियों के सक्रिय होने में सहायक साबित होती है। 

हमारे जीवन में शांति की बहुत आवश्यकता है, यह सचेत मानव मन की नींव है। हमारे जीवन में शांति एक सच्चा एवं महत्त्वपूर्ण सुख है। शांति हमें मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक होती है। किसी भी विषय पर हम शांतिपूर्वक ढंग से बेहतर फैसला ले सकते है। शांत मन से सोच-समझ कर किया गया कार्य हमेशा सही होता है।

कठिन परिस्थितियों में हमें एकदम से असहज नहीं होना चाहिए, बल्कि शांतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। शांति शिक्षा मूल्यों, ज्ञान और विकास को प्राप्त करने की प्रक्रिया हैं। शांति, शिक्षण गतिविधियों, ज्ञान, कौशल एवं दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है, जो लोगों को संघर्ष की घटनाओं को रोकने, शांति से संघर्ष को हल करने या शांति के लिए अनुकूल सामाजिक परिस्थितियों का निर्माण करने में मदद करेगी। 
Ayasha Tak
The Fabindia School, Bali.

No comments:

Post a Comment

Good Schools of India Journal @ www.GSI.IN

Blog Archive

Visitors