आशा और सच्ची मित्रता: राजेश्वरी राठौड़


आशा वह किरण है, जिसकी रोशनी के सहारे व्यक्ति अपने जीवन को सुख पूर्वक व्यतीत कर सकता है और आगे बढ़ता रहता हैहर व्यक्ति की कुछ उम्मीद होती है, दुनिया में जो कुछ भी होता है उम्मीद द्वारा होता हैइसलिए मनुष्य को उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिएएक किसान जब अपने खेत में फसल बोने के लिए बीज डालता है तो यह उम्मीद  रखता है की अच्छी फसल होगी और अपना जीवन सुख पूर्वक निर्वाह करेगा ऐसे ही विद्यार्थी जीवन में छात्र-छात्राओं को अपनी उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। जो लक्ष्य उनका है उसके लिए धैर्य से सकारात्मक सोच रखकर प्राप्त करना चाहिए, जीवन में सुख-दुख तो आते रहते हैं, उनसे घबराना नहीं चाहिए

संघर्ष ही जीवन है, अगर कोई भी कार्य हैं लगन मेहनत और उम्मीद रखकर करेंगे तो भगवान उसे जरूर सफलता देते हैंयदि मनुष्य आशा और उत्साह के साथ काम करे तो अवश्य पूरा होगाजितने भी महापुरुष, वैज्ञानिक हुए हैं वे सब आशा व उत्साह से भरे थेतभी उन्हें सफलता मिली। इसलिए जीवन में सफलता पानी है तो उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए

दोस्ती का रिश्ता एक अनमोल रिश्ता है। दोस्ती का रिश्ता हर रिश्ते से सच्चा होता है। मानव अपने संपूर्ण जीवन में कई रिश्ते निभाता है, जैसे एक माँ और बेटी का रिश्ता, भाई-बहन का रिश्ता, बाप-बेटे का रिश्ता, पति या पत्नी का रिश्ता, इत्यादि कई रिश्ते इंसान अपने सामाजिक परिवेश में निभाता हैदोस्ती का रिश्ता अटूट प्रेम और विश्वास से आता है। सच्ची मित्रता निस्वार्थ होती हैमित्रता में गहराई होनी चाहिए

एक सच्चा और अच्छा मित्र आपको अच्छाई की ओर ले जाता है। सच्चा दोस्त आपकी समय आने पर मदद करता है। आपके दुख-सुख मैं साथ देता हैजैसे- कृष्ण और सुदामा की मित्रता संसार में आज भी याद की जाती हैंइसलिए हमेशा सच्चे दिल से मित्रता निभानी चाहिए। सच्ची मित्रता में सच्चाई, ईमानदारी, परस्पर समझदारी, अटूट विश्वास, सम्मान जैसे श्रेष्ठ गुण होना आवश्यक है। तभी व्यक्ति सच्ची मित्रता निभा सकता है
Rajeshwari Rathore
The Fabindia School, Bali

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