साहस और धैर्य: आयशा टॉक

साहस का उपयोग करने से हम जीवन में आने वाली मुश्किलों को जीत पाते हैं। हर व्यक्ति के मन में भय या डर होता है, लेकिन जब वह साहस का उपयोग करते हुए आगे बढ़ता है और उस डर का सामना करता है, तो उस व्यक्ति का विकास होता है। संसार में आधे से अधिक लोग तो इसलिए असफल हो जाते है कि समय पर उनमें साहस का संचार नहीं हो पाता और वे बहुत जल्दी घबरा जाते हैं। असफल होने के बाद भी सफलता के लिए कोशिश करते रहना ही साहस है। यदि आपके पास काम करने का सही तरीका है और आपने लगातार साहस किया है तो आपको सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।


जिंदगी में किसी भी कार्य को करने के लिए हमें धैर्यवान होना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि किसी भी कार्य में सफलता हमेशा समय से पहले नहीं मिलती है। धैर्य एवं सहनशीलता के बिना हम जीवन में कुछ भी बड़ा काम नहीं कर पाएँगे। कभी - कभी हम किसी कार्य को बिना धैर्य रखें, समाप्त करने की सोचते हैं और वह कार्य हम सही ढंग से नहीं कर पाएँगे या बीच में ही छोड़ देंगे और हमें सफलता नहीं मिलेगी।

इस प्रकार जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए साहस एवं धैर्य का होना बहुत जरूरी होता है। जैसे कक्षा में सभी विद्यार्थी पढ़ाई में एक जैसे नहीं होते हैं। कुछ विद्यार्थी डर के मारे किसी कार्य में आगे आने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते हैं, ऐसी परिस्थिति में कक्षा के अध्यापक को उन विद्यार्थियों में सबसे पहले साहस जगाना होता है। उनकी गलतियों को धैर्यपूर्वक सुधारना चाहिए एवं उनको उनकी कमियों के साथ हर हाल में स्वीकार करना होता है। तभी उन विद्यार्थियों में साहस एवं धैर्य का संचार हो सकता हैं और वे जीवन में कुछ अच्छा कर सकेंगे। 
Ayasha Tak
The Fabindia School

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